नवरात्र मेला आठ अप्रैल को शुरू हो जाएगा, जिसको लेकर तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। विंध्य क्षेत्र में दो दिन बाद देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। अधिकारियों की देखरेख में सड़क मरम्मत, घाटों पर अस्थायी शौचालय, प्रकाश व सफाई व्यवस्था का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
चैत्र नवरात्र मेले की तैयारियों को लेकर आयुक्त और डीएम के सख्त हिदायत के बाद तैयारियां तेज हो गई हैं। गंगा घाटों पर अस्थायी शौचालयों सहित बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई एवं महिलाओं के वस्त्र बदलने के लिए टेंट आदि लगवाने का काम मंगलवार को दिन भर चलता रहा। बजट के अभाव में विंध्य क्षेत्र की सड़कों एवं गलियों को नए सिरे से बनवाने के बजाय उनकी मरम्मत कराकर किसी तरह उन्हें चलने लायक बनाया जा रहा है।
मेला क्षेत्र में तीन सौ सफाई कर्मचारियों सहित 18 सफाई नायक लगाए गए हैं। वहीं भक्तों की प्यास बुझाने के लिए 14 पेयजल टैंक भी लगावाए गए हैं। घाटों पर महिलाओं के वस्त्र बदलने के लिए 21 टेंट, 150 अस्थायी शौचालय, दो मोबाइल शौचालय एवं स्नान करने के लिए बैरिकेडिंग आदि की व्यवस्था करा दी गई है। इसके अलावा विंध्य क्षेत्र में 14 स्थानों पर बैरियर भी लगवा दिए गए हैं, जिससे बड़े वाहन मेला क्षेत्र में न प्रवेश करने पाएं। न्यू वीआईपी रोड व पुरानी वीआईपी रोड पर प्लास्टिक टीन शेड लगाने का भी काम चल रहा है। अष्टभुजा पहाड़ पर गेरुआ तालाब, सीताकुंड, मोतिया तालाब एवं कालीखोह में साफ-सफाई का अभाव है, जिससे भक्तों को पानी के लिए तरसना पड़ेगा, वहीं शास्त्री सेतु से विंध्याचल तक क्षतिग्रस्त मार्गों सहित कई अन्य मार्गों पर पैचिंग का कार्य चल रहा है।