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Mirzapur News: 17,967 किसानों का प्रीमियम कटा, बीमा अटका

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शेरवां क्षेत्र में 2025 में भारी बारिश में आई बाढ़ के दौरान पानी में डूबी  धान की फसल।- फाइल फो
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2025 की भारी बारिश-बाढ़ में तबाह हुई फसल, किसानों को अब तक मुआवजे का इंतजार
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मिर्जापुर। आपदा में किसानों का सहारा बनने वाली प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ही मुसीबत के समय किसानों का साथ नहीं दे रही। वर्ष 2025 में अहरौरा, जमालपुर और शेरवां क्षेत्र में भारी बारिश से फसलें बर्बाद हो गईं। 42,210 किसानों ने बीमा कराया था और खातों से प्रीमियम भी कटा, लेकिन 17,967 किसानों को बीमा का लाभ नहीं मिला। किसानों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं हुई।

शेरवां में बारिश से बर्बाद हुई धान की फसल
शेरवां में पिछले साल पांच अगस्त से 30 अक्तूबर के बीच तीन बार भारी बारिश से बाढ़ आई थी। क्षेत्र के गौरी, मनई, भमौरा, लोढ़वा, चौबैपुर, गोगहरा, चैनपुरा और चरगोडा के किसानों की धान की फसल सड़कर खेतों में गल गई थी। किसानों ने बताया कि उन्हें धान का एक दाना भी नहीं मिला। इसी तरह हलिया क्षेत्र में अतिवृष्टि के चलते किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा था। किसानों का कहना है कि जब प्रीमियम लिया तो नुकसान की स्थिति में जिम्मेदारी कौन निभाएगा? किसानों ने कहा कि बीमा योजना का उद्देश्य ही आपदा में सुरक्षा देना है। जब प्रीमियम लिया गया तो फसल बर्बाद होने के बाद दावा निस्तारण में इतनी देरी क्यों?
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फसल बर्बाद, कुछ को मिली आधी-अधूरी भरपाई
किसानों ने बताया कि कई मामलों में नुकसान का आकलन होने के बावजूद क्षतिपूर्ति नहीं मिली। कुछ किसानों को भुगतान हुआ भी तो इतना कम कि खेती में लगा खर्च तक नहीं निकल सका। इससे किसानों में बीमा कंपनी और संबंधित व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी है।

42,210 किसानों ने कराया था बीमा
खरीफ 2025 में जिले के 42,210 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आवेदन किया था। इनमें से क्षति की स्थिति में 24,243 किसानों को बीमा लाभ दिए जाने की बात कही जा रही है। सवाल यह है कि बाकी किसानों के दावों का क्या हुआ और उन्हें राहत क्यों नहीं मिली? किसानों का कहना है कि बीमा योजना का उद्देश्य ही प्राकृतिक आपदा में आर्थिक सुरक्षा देना है। जब समय पर प्रीमियम लिया तो फसल बर्बाद होने के बाद दावा निस्तारण में इतनी देरी क्यों?

वर्ष 2021 से 2024-25 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा की स्थिति
वर्ष
पंजीकरण
लाभान्वित किसान
खरीफ 2023
43,934
17,325
रबी 2023-24
59,020
6,464
खरीफ 2024
88,212
8,989
रबी 2024-25
1,35,187
820
खरीफ 2025
42,210
24,243
गैर ऋणी 14 और ऋणी किसान 31 अगस्त तक करा सकते हैं फसल बीमा
किसी भी सीजन में प्रतिकूल परिस्थितियों में प्रधानमंत्री फसल बीमा किसानों के लिए काफी फायदेमंद है। फसल बीमा कराने वाले किसान ही इसके तहत क्षतिपूर्ति के हकदार हैं। प्रधानमंत्री योजना का लाभ गैर ऋणी किसान भी उठा सकते हैं।

क्या कहते हैं किसान
“बैंकों से फसल के बीमा के नाम पर पैसा तो काट लिया जाता है, फसल बर्बाद होने के बावजूद भी बीमा का पूरा पैसा किसानों को नहीं मिलता।”
-सुभाष चंद्र सिंह, भभौरा, जमालपुर

“2024-25 में बारिश से रबी सीजन में गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी। बैंकों से बीमा कराया था। प्रीमियम तो काट लिया गया, लेकिन भुगतान नहीं लाभ नहीं मिल। ब्याज सहित बैंक को कर्ज भरना पड़ा।”
-शैलेंद्र उर्फ साहब लाल, बेदउर गोलरा

कर्ज लेने के बाद बैंकों से बीमा हो जाता है, लेकिन बारिश से गेहूं की फसल बर्बाद होने के बाद बीमा का लाभ न मिलने से बीमा राशि को ब्याज सहित देना पड़ा।”
-राजेश कुमार यादव, थोथा, हलिया

“बैंक तथा समितियों से कर्ज लेकर किसानों ने बीमा तो कराया, लेकिन रबी सीजन में बर्बाद फसलों का किसानों को लाभ नहीं मिला। इससे ऐसे किसानों में मायूसी है।”
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-दिनेश अग्रहरी, हलिया
वर्जन
“फसल बीमा कराने वाले किसानों को ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिया जाता है। इसके लिए किसानों को फसल बीमा कराना अनिवार्य है। वर्ष 2025-26 में बढ़-चढ़कर किसानों ने बीमा कराया था, 24,243 किसानों को 4,227 करोड़ की क्षतिपूर्ति बीमा कंपनी भेजी थी।”
-विकेश कुमार पटेल, उप कृषि निदेशक
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