विंध्याचल। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण किए जाने के विरोध में हुई विद्युत क र्मियों की हड़ताल से विंध्याचल के चारो फीडर बंद हैं। इससे मां विंध्यवासिनी के शृंगार पर भी असर पड़ा। अब उनका शृंगार करने के लिए जेनेरटर व इन्वर्टर चलाया जा रहा।
इसी के साथ ही विंध्य धाम की गलियों में सोमवार की रात एवं मंगलवार की सुबह से लेकर दोपहर तक अंधेरा कायम रहा। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को पानी के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। जबकि स्थानीय लोगों के लिए हैंड पाइप एवं गंगा ही सहारा बनी। दूसरी तरफ विंध्याचल क्षेत्र के चारों फीडरों की बिजली की आपूर्ति बंद किए जाने से विंध्याचलधाम, कंतित गजिया, अमरावती चौराहा, शिवपुर, बनवारीपुर, वेदउर, अष्टभुजा मंदिर, काली खोह मंदिर, बड़े बगीचा, भवानीपुर, देवराहाहंस बाबा आश्रम आदि सहित तीन दर्जन से अधिक गांवों एवं मुहल्लों में पानी के लिए लोग दर- दर भटकते रहे। सुबह से ही लिए पानी के लिए हैंडपाइप व कुआें इत्यादि का सहारा लिया गया। स्थानीय लोगों ने पूजा पहाड़ पर झरने के पानी से स्नान किया।