मिर्जापुर। एक वर्ष पूूर्व शहर कोतवाली के बदली घाट निवासी लेखपाल के लापता होने के मामले में हाईकोर्ट ने मिर्जापुर पुलिस अधीक्षक को आठ अक्तूबर को लापता लेखपाल को प्रस्तुत करने के लिए तलब किया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि आठ अक्तूबर 2020 को लापता लेखपाल को कोर्ट में प्रस्तुत करते हैं तो एसपी को आने की जरूरत नहीं है, पर लेखपाल आशीष कुमार गुप्ता को प्रस्तुत न करने पर एसपी को कोर्ट में हाजिर होना होगा।
कटरा कोतवाली क्षेत्र के बदलीघाट निवासी त्रिजुगी नाथ गुप्त ने 16 सितंबर 2019 को थाने में तहरीर देकर पांच आरोपी अर्चना वर्मा, आकाश वर्मा, कृष्णा वर्मा, अशोक कुमार वर्मा, शिवानी व एक अज्ञात पर पुत्र आशीष कुमार गुप्ता के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि विपक्षी से उसका जमीन कस विवाद है। कटरा कोतवाली क्षेत्र के गैबी घाट स्थित मकान के बगल में विपक्षी का मकान है। छह सितंबर को पुत्र दर्शन करने के लिए घंटाघर गया था। विपक्षियों ने उसका पीछा कर अपहरण कर लिया। सदर तहसील में लेखपाल पद पर तैनात पुत्र आशीष कुमार गुप्ता की खोजबीन की गई पर वह नहीं मिला। रात 10 बजे पक्का पुल पर उसकी गाड़ी मिली। आरोप लगाया कि पुलिस मुकदमा दर्ज करने के बाद भी विपक्षी पर कार्रवाई नहीं कर रही, न ही उसके पुत्र को बरामद किया। लापता लेखपाल के पिता त्रिजुगी नाथ ने हाईकोर्ट में वाद दाखिल किया। 21 सितंबर की सुनवाई को हाईकोर्ट ने आठ अक्तूबर को मिर्जापुर पुलिस अधीक्षक को हाजिर होने का आदेश दिया है। साथ ही यह भी आदेश दिया है कि अगर लापता लेखपाल को उस दिन कोर्ट में हाजिर करते है तो एसपी को आने की जरूरत नहीं है। प्रभारी एसपी संजय कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। कोर्ट का जो आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा।