अहरौरा। दीपावली पर कूटरचित फर्जी दस्तावेजों की आड़ में जब्त वाहन छोड़ाने के मामले में जांच के दौरान सत्यता जाली निकली। वाणिज्य कर विभाग के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर और मुहर बनाकर वाहन रिहाई का आदेश प्रस्तुत करने पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थाने के मुहर्रिर देवाशीष ने आरोप लगाया कि सोनभद्र ओबरा के बिल्लीबंधा मारकुंडी निवासी आरोपी जयप्रकाश सिंह ने अपने वाहन हाइड्रा को छोड़ाने के लिए दस्तावेज प्रस्तुत किए। वाहन को पूर्व में 22 जुलाई 2025 को एआरटीओ, खनन व वाणिज्य कर विभाग द्वारा जब्त किया गया था। जांच के दौरान दस्तावेजों की सत्यता पर संदेह हुआ। मुहर्रिर ने वाणिज्य कर विभाग से सत्यापन कराया तो मामला फर्जी निकला। जब्त वाहन की रिहाई का कोई आदेश विभाग द्वारा जारी नहीं किया गया था। इसके बावजूद आरोपी ने विभागीय अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर व मुहर लगाकर आदेश तैयार किया। वाहन छोड़ाने पहुंच गया। पुलिस ने मुहर्रिर देवाशीष की तहरीर पर आरोपी जयप्रकाश सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और सरकारी दस्तावेजों में कूटरचना की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष सदानंद सिंह ने बताया कि जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। वाहन की रिहाई आदेश से जुड़े दस्तावेजों की प्रमाणिकता की भी विभागीय स्तर पर जांच कराई जाएगी।