अदलहाट। थाना क्षेत्र के वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर पथरौरा गांव स्थित पेट्रोल पंप संचालक ने शनिवार की दोपहर पेट्रोलियम कंपनी के अधिकारियों की ओर से आ रहे फोन से परेशान होकर फंदे पर लटककर जान दे दी। पत्नी ने एक पेट्रोलियम कंपनी के अधिकारी पर फोन कर परेशान करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
चंदौली जिले के चकिया थाना क्षेत्र रामलक्ष्मणपुर गांव निवासी 50 वर्षीय शिवपाल सिंह पुत्र रमाशंकर का अदलहाट थाना क्षेत्र के वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर पेट्रोल पंप है। शनिवार की दोपहर 12 बजे के करीब वह पेट्रोल पंप पर आए और स्टोर रूम में जाकर कुंडी के सहारे नायलान की रस्सी से फंदा बनाकर लटक गए। जब पेट्रोल पंप के मैनेजर राजेंद्र प्रसाद निवासी मनऊर, थाना जमालपुर पंप के पीछे उनके कमरे में गए तो वह नहीं मिले। बाथरूम में भी नहीं दिखाई दिए। स्टोर रूम का दरवाजा थोड़ा खुला था। मैनेजर ने उन्हें फंदे से लटका देखकर शोर मचाया। इस पर पंप कर्मचारी पहुंचे। उनको फंदे से उतारकर डाक्टर को बुलाया। लेकिन, डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर परिजन और पुलिस पहुंची। शिवपाल की पत्नी मंजू सिंह ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि डीजल के नोजल को कंपनी ने बंद कर दिया था। शनिवार की सुबह नौ बजे से पेट्रोलियम कंपनी के अधिकारी लगातार फोन कर बकाए के लिए धमकी दी। पंप के कर्मचारियों का कहना था कि सुबह जब वह आए तो घबराए हुए थे। थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि पत्नी ने तहरीर देकर आरोप लगाया है कि बकाए पैसे के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इसके चलते वे परेशान थे। फांसी के लिए यही वजह बनी। उन्होंने बताया कि जांच की जा रही है। संबंधित पेट्रोलियम कंपनी के अधिकारी ने बताया कि मार्च में उन्होंने तेल उठाया था। अप्रैल के पहले सप्ताह में उन्हें पैसा जमा करना था। लगभग 11 लाख रुपये बकाया है। पूरा अप्रैल बीत गया पर पैसा नहीं मिला। इसको जमा करने की बात होती थी पर किसी प्रकार का दबाव या धमकी की बात बेबुनियाद है। कोई नोजल भी बंद नहीं किया गया था।
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