चुनार। कोरोना महामारी के चलते नगर की प्रसिद्ध रामलीला का अनौपचारिक शुभारंभ गुरुवार की रात मुकुट पूजन से हुआ। मुख्य अतिथि कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने मुकुट पूजन कर रामलीला के शुभारंभ होने की परंपरा का निर्वहन किया। रामलीला भवन में पूर्णतया सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए निर्धारित व्यक्तियों की संख्या के साथ पूजन संपन्न हुआ। काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक पं. श्रीकांत मिश्र के बड़े भ्राता पं. शशिकांत मिश्र व रामलीला कमेटी के पुरोहित पं. योगेश मिश्र ने विधि विधान से पूजन कराया।
177 वर्षों से श्री राघवेन्द्र रामलीला कमेटी के तत्वाधान में नगर के मध्य स्थित प्रख्यात रामलीला मैदान के मंच पर इक्कीस दिनों तक रामलीला का मंचन होता था। इसको देखने नगर सहित दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से रामलीला प्रेमी आते थे। 21 दिवसीय रामलीला के मंचन में राम बारात, काली जी की जूलूस के साथ ही रावण पुतला दहन (विजयादशमी) व चारों भाईयों का मिलन (भरत मिलाप) की लीला का अदभुत मंचन क्षेत्र में प्रसिद्ध है। लेकिन कोरोना महामारी के चलते इस बार सरकार की गाइड लाइन और प्रशासन के निर्देशों का पालन करते रामलीला मंचन न करने का निर्णय कमेटी ने लिया है। कहा गया कि परंपरा का निर्वहन करते हुए मुकुट पूजन के बाद कमेटी के पांच सदस्यों द्वारा राजगद्दी की लीला मंचन तक नियमित रात आठ बजे रामलीला भवन में राम दरबार चित्र की आरती की जाएगी। किसी भी लीला का मंचन नहीं किया जाएगा। पूजन के दौरान सरंक्षक मंडल के शिव प्रसाद कमल, कमेटी अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा, भाजपा नगर अध्यक्ष चन्द्रहास गुप्ता, गौरीशंकर दीक्षित, वैंकटेश्वर पांडेय आदि मौजूद रहे।