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Mirzapur News: शव बदले जाने के मामले में देर रात तक चली पंचायत

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मिर्जापुर। पोस्टमार्टम हाउस में शव बदले जाने के मामले में शनिवार को देर रात तक पंचायत चली। अधिकारियों के समझाने के बाद अमीश के परिजन माने और रविवार को सुबह घाट पर उसकी राख गंगा में विसर्जित कर चले गए। उधर, पड़री में सड़क हादसे में मृत गुलेश के शव का पोस्टमार्टम किया गया। परिजन पोस्टमार्टम कराकर घर चले गए। इस मामले की जांच अब जिलाधिकारी की तरफ से कराई जाएगी।
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तीन जनवरी को मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के निवासी अमीश गुप्ता पंजाब से घर लौटते समय चुनार के पास ट्रेन से गिर गए। इससे उनकी मौत हो गई। उनका शव अज्ञात मानकर पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया। तीन जनवरी को पड़री के पुतरिहा गांव निवासी गुलेश बिंद की सड़क हादसे में मौत हो गई। तीन जनवरी को गुलेश के परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शव की पहचान कर घर ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। चार जनवरी को अमीश गुप्ता के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो पता चला कि उसका शव वहां नहीं है। जांच में पता चला कि पड़री में हुए हादसे में मृत गुलेश बिंद की जगह अमीश गुप्ता के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए। इस मामले की जांच के लिए एडीएम, एएसपी ऑपरेशन, सीएमओ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। जहां देर रात डेढ़ बजे परिजनों को समझाकर मनाया गया। रविवार को गुलेश बिंद के शव का पोस्टमार्टम हुआ। उसके बाद परिजन शव लेकर गए। एएसपी ऑपरेशन ओपी सिंह ने बताया कि भ्रम में परिजनों ने पड़री में हुए हादसे में मृत व्यक्ति के शव की पहचान कर अंतिम संस्कार कर दिया। अमीश के परिजनों को समझाया गया कि जानबूझकर ऐसा नहीं किया गया है। इसके बाद परिजन माने और घाट पर जलाए गए शव की राख आदि को गंगा में विसर्जित किया। परिजनों को संशोधित पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी गई। अमीश के परिजनों ने मामले के जांच की मांग की। जांच के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई है। इस मामले की जिलाधिकारी द्वारा कराई जाएगी।
उधर, दूसरे शव की पहचान कर पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार करने वाले गुलेश बिंद के परिजन रविवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। वहां सबसे पहले गुलेश के शव के पोस्टमार्टम का नंबर था। परिजनों और पड़री पुलिस को शव की पहचान के लिए भेजा गया। पंचनामा रिपोर्ट में जूता-मोजा और लोवर लिखा था। शव की पहचान करने गए परिजन जूते-मोजे न होने और लोवर की जगह पैंट होने पर आक्रोशित हो गए। दुबारा अंतिम संस्कार करने को लेकर भी परिजन नाराज रहे। इसके बाद पंचनामा में लिखे जूता-मोजा आदि शब्द को काटा गया। इसके बाद गुलेश के शव का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद परिजन शव लेकर गए।
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