मिर्जापुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने विद्युत निगम के वरिष्ठ लिपिक, अवर अभियंता, एसडीओ और जेएमटी पर परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है। इन पर बिजली कनेक्शन को लेकर महिला उपभोक्ता से पैसा लेने व फर्जी कागजात दिए जाने का आरोप है। इस संबंध में विपक्षियों को नोटिस जारी कर मामले की सुनवाई के लिए नौ जनवरी 2025 की तिथि निर्धारित की गई है।
नगर के पुरानी दशमी निवासी डेल्लो देवी पत्नी रामजी ने आरोप लगाया कि उनके बिजली कनेक्शन पर बिल कई महीने से गलत आ रहा है। उसे ठीक कराने के लिए वे कई बार विद्युत निगम के कार्यालय गईं। जंगी रोड स्थित विद्युत निगम के कार्यालय में उनसे वरिष्ठ लिपिक मिले। उनका प्रार्थना पत्र उन्होंने ले लिया। बाद में उनकी मुलाकात अवर अभियंता व उपखंड अधिकारी से कराई गई। उन्होंने भी प्रार्थना पत्र पर संशोधन कर बिल जमा कराने का आदेश कर दिया। उसके बाद जब वे पुन: कार्यालय गईं तो कहा गया कि उनका कनेक्शन आरडीएफ दिखा रहा है। उनसे 45000 रुपये की मांग की गई जो उन्होंने दे दिया। बाद में जब वे रसीद और आदेश मांगने गईं तो उनसे फिर 35000 रुपये की मांग की गई। यह धनराशि भी उन्होंने दे दी, लेकिन रसीद व आदेश नहीं मिल सका। इसके बाद विभाग के कुछ कर्मचारी उनके घर पर गए और पुराना मीटर निकालकर नया लगा दिए। कर्मचारियों ने उनसे कहा कि आज से पुराना बिल समाप्त हो गया है। अब उनके पुत्र के नाम से नया कनेक्शन हो गया है। इसी से बिल आएगा। मांगने पर पुराना बिल जमा करने का कागज दिया गया। डेल्लो देवी का आरोप है कि एक महीने बाद जब वे नए मीटर के कागजात लेकर विभाग में बिल जमा करने गईं तो पता चला कि उसके पुत्र के नाम से कोई नया कनेक्शन नहीं हुआ है। वे शिकायत करने गईं तो वरिष्ठ लिपिक व अन्य ने उसको भला-बुरा कहा। प्राथमिकी दर्ज कराने की धमकी दी। डेल्लो देवी का कहना है कि वे अधिशासी अभियंता के पास गईं। कुछ दिन बाद समाधान दिवस पर उन्होंने प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर अधिशासी अभियंता ने वरिष्ठ लिपिक को 17 मई 2023 को निलंबित कर दिया, लेकिन बिल पर कोई कदम नहीं उठाया गया। कटरा कोतवाली में वरिष्ठ लिपिक, अवर अभियंता, जेएमटी व एसडीओ के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक को भी शिकायती पत्र दिया। बाद में उन्होंने 28 अगस्त को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर परिवाद दर्ज करने आदेश दिया गया। इस संबंध में मुख्य अभियंता वितरण जेपीएन सिंह का कहना है कि उनको इस मामले की जानकारी नहीं है। वे इस मामले को दिखवाएंगे।