संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। भारी बारिश की संभावना के लिए मौसम विभाग की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट शुक्रवार को जिले में बेअसर दिखाई दिया। सुबह से शाम तक आसमान में बादलों की आवाजाही रही, लेकिन बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी। इसके उलट चिलचिलाती धूप और उमस ने लोगों को मई-जून जैसी गर्मी का एहसास करा दिया। दो दिन की लगातार बारिश के बाद तीसरे दिन निकली तेज धूप ने आम जनजीवन को प्रभावित किया।
सुबह तेज धूप से लोग घरों से निकलने में परहेज करते दिखे। बिना सिर ढके बाहर निकलना मुश्किल हो गया। दोपहर के समय सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम रही। बाजारों में भी चहल-पहल घट गई। उमस इतनी अधिक थी कि कूलर और पंखों के सामने भी लोगों को राहत नहीं मिली। बिजली की थोड़ी देर की कटौती भी लोगों की परेशानी बढ़ाने वाली साबित हुई।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई। गुरुवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस था। तापमान में एक-एक डिग्री के बदलाव के बावजूद वातावरण में नमी अधिक रहने से उमस का असर बढ़ गया। सबसे अधिक चिंता किसानों को सताने लगी है। जिले के अधिकांश क्षेत्रों में धान की रोपाई के बाद खेतों में पानी भरे थे, लेकिन तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण खेतों का पानी तेजी से सूखने लगा है। किसानों का कहना है कि यदि अगले एक-दो दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की फसल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
गांवों में किसान मौसम के बदलते रुख पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। बारिश की उम्मीद में खेतों की ओर देखने वाले किसानों को शुक्रवार को निराशा हाथ लगी। दूसरी ओर, मौसम विभाग ने 7 से 8 अगस्त तथा 8 से 9 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में किसानों और आम लोगों की निगाहें अब अगले दो दिनों के मौसम पर टिकी हैं।
तेज धूप का असर स्कूली बच्चों पर भी दिखाई दिया। दोपहर में छुट्टी के समय घर लौटते बच्चों को तपती धूप का सामना करना पड़ा। कई बच्चों के चेहरे लाल हो गए। राहगीर भी छांव की तलाश करते नजर आए। सावन में बारिश की जगह धूप और उमस का यह रूप लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। जिले में अब सभी को इंतजार है कि मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित होगा। फिर बारिश के लिए लोगों को और इंतजार करना पड़ेगा।