रोडवेज मिर्जापुर में तैनात एक परिचालक को फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी करते हुए पाए जाने पर उसे बर्खास्त कर दिया गया है। परिचालक वर्ष 2008 से फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी कर रहा था। बर्खास्त होने के बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ सरकारी धन की रिकवरी भी की जाएगी। एक वर्ष पूर्व परिचालक के भाई को भी इसी आरोप में बर्खास्त किया गया था।
विंध्याचल थाना क्षेत्र के भटेवरा गांव निवासी दिनेश रोडवेज में परिचालक के पद पर कार्यरत था। उसकी नियुक्ति वर्ष 2008 में हुए बैकलाग भर्ती में हुई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता अजय सिंह ने दिनेश के खिलाफ परिवहन निगम में शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि दिनेश जाति का कहार है। उसने गोड़ जाति का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल की है। शिकायत पर परिवहन निगम के अधिकारियों ने जांच कराने का निर्देश दिया। एआरएम हरिशंकर पांडेय ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम सदर ने मामले की जांच की। जांच में पता चला कि दिनेश के पिता की जाति कहार है। उन्होंने मांडा के बामपुर स्थित मंगला प्रसाद इंटर कॉलेज में जाकर प्रमाण पत्रों की जांच की तो पता चला कि वह कहार है। दिनेश ने फर्जी तरीके से गोड़ जाति का प्रमाण पत्र हासिल कर नौकरी हासिल की। एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर परिचालक को बर्खास्त कर दिया गया है। अब उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सरकारी धन की रिकवरी कराई जाएगी। एआरएम ने बताया कि एक वर्ष पूर्व परिचालक के भाई राजेश को भी इसी आरोप में बर्खास्त किया गया था। वह कार्यालय सहायक के पद पर कार्यरत था।