जिलाधिकारी के आदेश के बाद भैरा प्रसाद जायसवाल चिकित्सालय में अनधिकृत रुप से चल रहे मेडिकल काॅलेज के चार विभागों को मंडलीय अस्पताल में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरु हो गई है। मंडलीय अस्पताल के सीएमएस डाॅ.सचिन किशोर ने पत्र जारी कर बताया कि इसके चलते 11 और 13 अप्रैल को चारों विभाग की ओपीडी बंद रहेगी।
नेत्र और ईएनटी विभाग का ऑपरेशन एक माह तक बंद रहेगा। 14 अप्रैल से चारों विभाग की ओपीडी मंडलीय अस्पताल के प्रथम तल पर चलेगी। इन विभाग की इमरजेंसी सेवा इमरजेंसी ट्राॅमा में संचालित होंगी।
भैरो प्रसाद जायसवाल चिकित्सालय में पिछले वर्ष मेडिकल काॅलेज प्रशासन ने अपने चार विभाग नेत्र , मानसिक, ईएनटी (नाक, कान, गला) और चर्म रोग विभाग को मंडलीय अस्पताल से स्थानांतरित कर दिया था।
तब से चारों विभाग भैरो प्रसाद जायसवाल अस्पताल में संचालित हो रहे थे। इस दौरान शासन ने सीएमओ को भैरो प्रसाद जायसवाल चिकित्सालय में 50 बेड का अस्पताल चलाने के लिए छह करोड़ का बजट जारी किया। सीएमओ के पत्र लिखने के बाद भी मेडिकल काॅलेज प्रशासन अस्पताल को खाली नहीं कर रहा था। एक साल से मामला सुर्खियों में था। अधिकारियों ने अब मामले का संज्ञान लिया।
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने मेडिकल कालेज प्राचार्य को पत्र जारी कर अनधिकृत रुप से कब्जा किए गए अस्पताल को खाली करने का निर्देश दिया।
इसके बाद मेडिकल कालेज प्रशासन बैकफुट पर आया गया। सीएमएस के मुताबिक मानसिक, नेत्र, ईएनटी और चर्म रोग विभाग में प्रतिदिन 250 मरीज इलाज कराने आते हैं।