अष्टभुजा निरीक्षण गर्भ में पत्रकारों से वार्ता करते उत्तर प्रदेश राज्य गो सेवा आयोग के उपाध्यक्
गो सेवा आयोग उपाध्यक्ष महेश शुक्ला ने कहा कि गो आश्रय स्थलों पर पैनी नजर रखी जाएगी। उजीरो टालरेस नीति के तहत गोवंश संरक्षित किए जाएंगे। नियमों के उल्लंघन पर त्वरित कठोर व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
वह बृहस्पतिवार को अष्टभुजा स्थित गेस्ट हाउस सभागार में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ छद्म प्रचारकों के की तरफ से भ्रामक सूचनाएं फैलाकर आम जनमानस को भ्रमित करने का कुत्सिक प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से स्पष्ट निर्देश है कि निराश्रित गो सेवा एवं संरक्षण किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आने दी जाए।
कहा कि सरकार गोवंश के प्रति संवेदनशील एवं समर्पित दृष्टि के साथ सुशासन के सिद्धांतों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास रत है। कहा कि जिले में 49 गो आश्रय स्थल बनाए गए हैं जिसमें 14575 गोवंश संरक्षित हैं। सहभागिता योजना के अंतर्गत इसके 518 प्रगतिशील गोपालकों ने 1645 गो वंशों को अपनाकर सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के माध्यम से सरकार ने गांव संरक्षण को जन आंदोलन का रूप प्रदान किया है। अब तक 1.67 हजार गोवंश गोपालकों को दिए गए हैं। इनके पालन के लिए 50 रुपए प्रति दिन के हिसाब से पशुपालक को दिया जा रहा है। इसके बाद राज्य गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल एवं आयोग के सदस्य दीपक गोयल ने जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियो के साथ बैठक कर गोशालाओं की स्थिति की समीक्षा की। इस अवसर पर उपाध्यक्ष राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग सोहन लाल श्रीमाली, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक, सीडीओ विशाल कुमार उपस्थित रहे।