विकास भवन सभागार में अधिकारियों को अपनी समस्याएं सुनाते किसान।-संवाद।
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मिर्जापुर। विकास भवन पथरहिया स्थित सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में किसान दिवस आयोजित किया गया। इसमें किसानों ने जमीन की रजिस्ट्री पर आवासीय दर से स्टांप शुल्क वसूली, धान क्रय केंद्र, क्षतिग्रस्त सड़क-पुलिया, बिजली और सिंचाई से जुड़ी समस्याएं उठाईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने का निर्देश दिया।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के युवा जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह मुन्ना ने लालगंज तहसील के 128 गांवों में 16 बिस्वा से कम जमीन की खरीद-बिक्री पर आवासीय दर से स्टांप शुल्क और कोर्ट फीस वसूले जाने पर आपत्ति जताई।
उन्होंने इसे गरीब किसानों पर अतिरिक्त बोझ बताते हुए इस व्यवस्था को बंद कराने की मांग की। साथ ही खजुरी स्थित भारतीय खाद्य निगम के धान क्रय केंद्र को दूसरी जगह स्थानांतरित नहीं करने की मांग उठाई।
किसानों ने बरौधा रोड पर कोटा गांव के पास क्षतिग्रस्त पुल और सड़क की मरम्मत कराने, रामपुर 38 में दो साल से अधूरी इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण पूरा कराने और पथरा दसौंधी में सड़क से स्कूल के शौचालय तक इंटरलॉकिंग कराने की मांग की। जमालपुर क्षेत्र में चौकिया ब्रांच नहर के टेल पर करीब एक किलोमीटर सर्विस रोड बनवाने का मुद्दा भी उठाया गया।
किसानों ने प्रयागराज-सोनभद्र प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की लंबाई और जरूरत पर सवाल उठाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सहित कृषि, पशुपालन, उद्यान, सहकारिता, विद्युत और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।