उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज की 12वीं का परीक्षा परिणाम के बाद महाविद्यालयों में स्नातक कक्षा में प्रवेश के लिए मारामारी शुरू हो गई है।
जिले में तीन राजकीय महाविद्यालय सहित केबी कालेज, जीडी बिनानी और केएमपीजी जेसे अनुदानित सहित लगभग 26 स्ववित्तपोषित कालेज हैं। इन कालेजों में कई महत्वपूर्ण विषय नहीं होने और सीटों की कमी के चलते छात्रों को प्रवेश के लिए गैर जिलों का रुख करना पड़ेगा। बरकछा स्थित राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में जिले के लोगों को अलग से वेटेज नहीं मिलता है, इसके चलते इस जिले के बच्चों को समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में इस बार जिले से 24041 परीक्षार्थी सफल हुए है। इंटरमीडिएट में इस बार 13948 बालक और 14614 बालिका सहित 28562 परीक्षार्थी परीक्षा के लिए पंजीकृत थे। इसमें से 11262 बालक और 12779 सहित 24041 परीक्षार्थी सफल हुए हैं।
जिले में श्रीमती इंदिरा गांधी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लालगंज, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्राम सिंह राजकीय महाविद्यालय चुनार और लालता सिंह राजकीय महाविद्यालय अदलहाट में शासन द्वारा कला व विज्ञान वर्ग के लिए लगभग 80-80 सीट निर्धारित की गई हैं। इन सीटों पर प्रवेश होगा। जीडी बिनानी कालेज के प्राचार्य डॉ. वीना देवी सिंह ने बताया कि कालेज में स्नातक कला वर्ग में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, राजनीति शास्त्र, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, शिक्षाशास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र, प्राचीन इतिहास, मध्यकालीन इतिहास की पढ़ाई होती है। कला वर्ग में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ द्वारा 660 सीट निर्धारित की गई हैं। बीकाम में 320 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। केबी कालेज के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि स्नातक कला वर्ग में 840, विज्ञान वर्ग से बीएससी की गणित व जीवविज्ञान में 150- 150 सीट निर्धारित हैं। केएमपीजी कालेज में स्नातक कला वर्ग में 467 सीटों पर प्रवेश होगा। नगर के भरुहना स्थित विंध्यवासिनी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण कुमार सेठी ने बताया कि बीए में 550, बीकाम में 240 और बीएससी में जीव विज्ञान व गणित में 120 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। सभी महाविद्यालयों में सीटों की संख्या समय-समय पर घटती-बढ़ती रहती है।