दोपहर दो बजे तक चलती है ओपीडी की पैथालॉजी, आठ बजे तक आईपीडी का लिया जाता है सैंपल
मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में मेडिकल कॉलेज को शुरू हुए पांच वर्ष बीत गए। पैथोलॉजी में 24 घंटे जांच की सुविधा अभी तक नहीं शुरू हो सकी है। इस कारण दोपहर दो बजे के बाद जांच के लिए अगले दिन आना होता है। मरीजों के लिए कोई चारा नहीं होता। या तो भीषण गर्मी में वह अगले दिन आएं नहीं तो निजी केंद्रों पर अधिक भुगतान करके जांच कराएं।
मंडलीय अस्पताल में दो बजे के बाद रात आठ बजे के बीच अगर सेंपल ले भी लिया जाएगा तो जांच अगले दिन ही होगा। रात के समय इमरजेंसी में जांच की सुविधा है पर अन्य जांच के लिए लोगों को अगले दिन का ही इंतजार करना पड़ता है। मंडलीय अस्पताल में सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक केंद्रीय पैथोलॉजी सेंटर में ओपीडी पर्चे पर सेंपल लिया जाता है। उसे जांच के लिए आईपीएचएल लैब में भेजा जाता है। इसके बाद रात आठ बजे तक वार्ड में भर्ती मरीजों का सेंपल जांच के लिए लिया जाता है। रात आठ बजे तक इमरजेंसी में आने वाले मरीज को डॉक्टर के कहने या इमरजेंसी मोहर के बाद सेंपल रात आठ बजे तक लिया जाता है। जांच के लिए उसे अगले दिन भी भेजा जाता है। दोपहर दो बजे तक जांच सेंपल लिए जाने के कारण केंद्रीय पैथोलॉजी में लंंबी लाइन लगती है। प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में 24 घंटे जांच की सुविधा है। इसके बाद भी यहां मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे जांच की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। अस्पताल प्रशासन की माने तो 24 घंटे जांच की तैयारी चल रही है। जल्द ही सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
इनसेट
एक सप्ताह में जांच कराने वालों की संख्या 100 बढ़ी
गर्मी शुरू होने के बाद अब बीमारियां भी शुरू होने लगी हैं। एक सप्ताह पहले केंद्रीय पैथोलॉजी में 300 के करीब लोग हर दिन सेंपल देने आते थे। अब 400 से अधिक लोग प्रतिदिन जांच कराने आ रहे हैं। ऐसे में केंद्रीय पैथोलॉजी में सेंपल देने के लिए लंबी लाइन लग रही है। 24 घंटे जांच की सुविधा रहेगी तो लोगों को लंबी लाइन नहीं लगानी होगी।
पहले से 62 अब हो रही 76 जांच
मंडलीय अस्पताल के सीएमएस डॉ. सचिन किशोर ने बताया कि आईपीएचएल लैब में 62 जांच होती थीं। अब इनकी संख्या बढ़ाकर 76 कर दी गई है। इसमें हेपोटाइटिस ए, फाइलेरिया, इंटरनल ब्लिडिंग, मल में खून आना, डिप्थरिया की जांच बढ़ाई गई है।
................................
प्रतिक्रिया
मेडिकल कॉलेज होने के नाते यहां पर 24 घंटे जांच की सुविधा होनी चाहिए। इससे लोगों को काफी सहुलियत होगी। - शिवा हैहयवंशी
केंद्रीय पैथोलॉजी में सेंपल देने और रिपोर्ट लेने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ती है। इसके लिए काउंटर की संख्या बढ़ाई जाए। -प्रिंस ऊमर
जांच की सुविधा 24 घंटे होनी चाहिए। इससे लाेगों को निजी लैब में नहीं जाना होगा। - चंद्र भान मौर्या
वर्जन
ओपीडी के पर्चे पर दोपहर दो बजे जांच होती है। इसके बाद रात आठ बजे तक सेंपल लिए जाते हैं। जांच अगले दिन होती है। 24 घंटे सेंपल लेने और जांच की सुविधा शुरू करने की तैयारी है। महिला अस्पताल की गर्भवती महिलाओं को सेंपल देने के लिए न आना पड़े। इसके लिए महिला अस्पताल परिसर में ही सेंपल कलेक्शन की जल्द व्यवस्था की जाएगी।
डॉ. सचिन किशोर, सीएमएस, मंडलीय अस्पताल