मिर्जापुर। विंध्याचल मंडल के अपर आयुक्त प्रशासन डाॅ. विश्राम की पत्नी रमा यादव की लापरवाही से मौत मामले में चार डाॅक्टर समेत नौ स्वास्थ्यकर्मियों का बयान हुआ। इस मामले में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने चार डाॅक्टर व एक स्टाफ नर्स पर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए थे। ढाई माह बाद शासन से गठित तीन डाॅक्टरों की टीम जांच करने के लिए मंगलवार को मंडलीय अस्पताल आई थी। टीम ने रमा देवी का उपचार कराने आए लोगों के भी बयान लिए। जांच टीम रिपोर्ट शासन को देगी। इसके बाद कार्रवाई तय होगी। आयुक्त डॉ. विश्राम की पत्नी रमा यादव (45) का 10 जून 2024 को मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। लापरवाही का आरोप लगाया गया था। मामले में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 16 माह बाद 15 अक्तूबर 2025 को विंध्याचल मंडल के अपर आयुक्त प्रशासन डा. विश्राम सिंह की पत्नी रमा यादव के इलाज में लापरवाही बरतने पर डाॅ. सुनील सिंह, डाॅ. विनय कुमार, डाॅ. तरुण सिंह व डाॅ. पंकज पांडेय व स्टाफ नर्स सुषमा पांडेय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया था। इसमें कार्रवाई के बजाए डाॅ. सुनील सिंह को चिकित्सा अधीक्षक बना दिया गया है। इन पर पिछले दिनों मां का इलाज कराने आए दलित युवक पर पिटाई करने का आरोप लगाया गया था। इसमें भी जांच टीम गठित हुई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार को कानपुर से दो और प्रयागराज से एक डाॅक्टर की टीम बयान लेने मंडलीय अस्पताल आई थी। डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ रमा देवी का इलाज कराने के लिए अस्पताल आए लोगों के भी बयान लिए गए।
अपर आयुक्त के पत्नी की मौत के मामले में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आदेश पर शासन से गठित तीन सदस्यीय डाॅक्टरों की टीम मंगलवार को आई थी। टीम ने चार डाॅक्टर समेत नौ स्वास्थ्यकर्मी और इलाज कराने आए लोगों के बयान लिए। बयान लेने के बाद टीम चली गई। जो कार्रवाई होगी, वो शासन से होगी।-डाॅ. एसके श्रीवास्तव, सीएमएस, मंडलीय अस्पताल