विंध्याचल। चैत्र नवरात्र के चौथे दिन शुक्रवार को कुष्मांडा स्वरुप में मां विंध्यवसिनी के दर्शन- पूजन किया। इस समय कोरोना के संकट के चलते विंध्यधाम में श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं आ रही। जो भक्त माता दरबार पहुंच रहे हैं, वे मां का दीदार कर अपने घरों को वापस लौट जा रहे हैं।
शुक्रवार की भोर मंगला आरती के बाद छह बजे मंदिर का कपाट मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए खोल दिया गया। चले दर्शन व पूजन बाद दोपहर मध्याह्न आरती व शाम को संध्या आरती के साथ ही रात में बड़ी आरती के पश्चात मंदिर में दर्शन व पूजन बंद कर दिया गया। मंदिर के नीचे थर्मल स्क्रीनिंग करने के पश्चात ही भक्तो को दर्शन के लिए गर्भगृह की ओर भेजा जा रहा था। दोपहर कड़ी धूप होने के चलते पूरे विंध्य क्षेत्र में सन्नाटा सा पसरा रहा। मां विंध्यवासिनी के दर्शन पश्चात श्रद्धालु काली खो पहुंचकर जहां माता काली के दर्शन किए वहीं पर्वत पर विराजमान मां अष्टभुजा देवी के दर्शन पूजन कर अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान कर गए।
घर पर ही रहकर करें मां की आराधना
संवाद न्यूज एजेंसी
विंध्याचल। जिले में बढ़ते कोरोना संकट को देखते हुए श्री विंध्य पंडा समाज ने सभी श्रद्धालुओं से घर पर ही रहकर मां विंध्यवासिनी की आराधना करने की अपील की। शुक्रवार को पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी, मंत्री भानु पाठक, पूर्व मंत्री अवनीश मिश्रा नगर विधायक के होटल पहुंचे। बैठक कर कोरोना के बढ़ते मामलों पर विचार-विमर्श किया। नगर विधायक और पंडा समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि इस समय कोरोना संकट से पूरा देश जूझ रहा है। ऐसे में लोग घर से बाहर निकलने के बजाय घर पर ही रहकर मां विंध्यवासिनी की आराधना करें।