रात 11 बजे पुलिस अधीक्षक आवास के पास स्थित फतहा पुलिस चौकी के पास सन्नाटा पसरा रहा। आस-पास एक-दो अंडे की दुकान खुली थी। सड़क पर एक दो वाहन गुजर रहे थे। फतहा चौकी के बाहर कोई पुलिसकर्मी नहीं दिखाई दिया। रात 11.10 बजे सिविल लाइंस कचहरी पुलिस चौकी के पास चौकी प्रभारी और सिपाही सड़क पर आने जाने वाले वाहनों को रोकते रहे।
चालकों से पूछताछ कर रात में नहीं निकलने की चेतावनी देते रहे। पुलिस आने जाने वाले वाहन को रोकती रही। 11.20 बजे पुलिस अधीक्षक भी कचहरी चौकी के पास से होकर निकले। इसके बाद शहर कोतवाल फोर्स के साथ पहुंचे। लाउडस्पीकर से लोगों को 11 बजे के बाद घर मे रहने का निर्देश देते रहे।
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मऊ के पुलिस कप्तान खुद सड़क पर उतरे
- फोटो : अमर उजाला
मऊ में नाइट कर्फ्यू के पहले दिन ही पुलिस कप्तान खुद सड़क पर उतरे दिखाई दिए। 11 बजते ही पुलिस अधीक्षक सुशील घुले और सीओ सीटी धनंजय मिश्रा सबसे पहले नगर के औरंगाबाद पहुंचे। इसके बाद नगर के प्रमुख चौराहे पर पहुंच कर पुलिसकर्मियों को नियम पालन कराने का निर्देश दिया।
इस दौरान गाजीपुर और गोरखपुर की तरफ से आने वाले हर वाहनों को रोका गया। उन्हें नाइट कर्फ्यू के नियम की जानकारी दी गई। इस दौरान मास्क न लगाने वाले कुछ वाहन चालकों को चेतावनी भी दी गई। इसके बाद दोनों अधिकारी नगर सदर चौक, मिर्जाहादीपुरा तिराहा, आजमगढ़ मोड़, गाजीपुर तिराहा, भीटी चौक, बलिया मोड़ तिराहा आदि मार्गो पर पहुंचे। इधर, रात 11 बजते ही अधिकांश मुख्य मार्गो पर थाना प्रभारी और सिपाही सड़क पर आने जाने वाले वाहनों को रोकर पूछताछ कर रात में न निकलने की चेतावनी देते रहे।
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