मिर्जापुर। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि एनडीए वाले लोग नकारात्मक हैं। एनडीए की शुरूआत एन से होती है। एन मतलब नकारात्मक। ये केवल हमारे-आपके लिए नहीं, बल्कि दलित, पिछड़ों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और आधी आबादी के लिए भी नकारात्मक हैं।
वे रविवार की शाम मझवां विधानसभा उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में पड़री के पैड़ापुर स्थित स्वामी गोविंदाश्रम इंटरमीडिएट काॅलेज के मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को मृदुभाषी होना चाहिये, परंतु ये कटु भाषी हैं। झूठा प्रचार कर रहे हैं। भाजपा के एजेंडे में नौकरी नहीं है। नौकरी इसलिए एजेंडे में नहीं है, क्योंकि आरक्षण इनके एजेंडे में नहीं है। इसलिए जानबूझकर नौकरियां उलझाते हैं। प्रश्नपत्र को बदल देते हैं। उन्होंने कहा कि अगर नौकरी मिल भी गई तो मामला कोर्ट पहुंच जाता है। जब तक देश व प्रदेश में भाजपा है, संविधान और देश को खतरा रहेगा। उन्होंने कहा कि मतदान पूरी सावधानी से करना है। सीएम के लगातार दौरे पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि अगर उन्होंने सात साल में कुछ काम किया होता तो मुख्यमंत्री को इतनी बार नहीं आना हाेता। उत्तर प्रदेश और दिल्ली वालों की सरकार कितने वर्षों से चल रही है। उसके बाद भी पूरी सरकार इस चुनाव में लगी है। जब उनको पता चल गया कि जनता उनका साथ नहीं दे रही है तो उन्होंने अधिकारियों को आगे कर दिया, परंतु अधिकारी व कर्मचारी मन ही मन ये जान गए हैं कि भाजपा यहां बचने वाली नहीं है।
उन्होंने कहा कि वैसे तो कुछ चीजें बहुत लोकप्रिय हो जाती हैं, परंतु कारण पता नहीं चलता है। आपके विधानसभा की कुछ घटना बहुत लोकप्रिय हो गईं। मुझे पता नहीं था कि मझवां में मटन युद्ध हुआ है। वैसे तरह-तरह के युद्ध हमने देखे हैं, पर ये मटन युद्ध इतिहास में दर्ज हो गया है। ये जो मटन युद्ध हुआ है, खींचा-तानी मची है, ये आपको देखने से मिल गई। वरना दिल्ली और यूपी के इंजन पहले से एक-दूसरे को टक्कर मार रहे थे। उन्होंने कहा कि इनके नारे टकरा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जो हमारे मुख्यमंत्री हैं, वो समाजवादियों से डरे हुए हैं। डरे न होते तो संत की ऐसी भाषा न होती। हमारे आपके यहां परंपरा होती है। जो ज्ञानी होता है, जानकार होता है वो कम बोलता है। मौन रहता है। इसलिए हमारे यहां मौनी परंपरा है। लेकिन हमारे मुख्यमंत्री को उल्टा-पुल्टा ही समझ आता है। वो कह रहे थे बटेंगे तो कटेंगे, लेकिन पीडीए के लोगों ने कह दिया हम जोड़ेंगे और जीतेंगे। सपा मुखिया ने सीएम योगी के संबोधनों पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने पीडीए का कुछ फुल फार्म निकाला है। पीडीए में एच कहां से आ गया। पावर हाउस कहां से बन गया पीडीए। भाजपा के लोग पीडीए से इतने डरे हुए हैं कि डीएपी की बोरी भी पीडीए नजर आ रही है। पिछले चुनाव में जब आपके बीच आया था तो मैंने कहा था कि बोरी में से चोरी हो रही है। अब तो डीएपी की पूरी बोरी चोरी हो जा रही है। सरकार ने आय दोगुनी करने की बात की, परंतु धान की कीमत नहीं दिला पा रहे हैं। सरकार कह रही है कि हम एक ट्रीलियम डालर की इकॉनामी बनाएंगे। ये अंग्रेजी में बोलते हैं। ताकि जनता को समझ न आए।उन्होंने कहा कि जीरो टालरेंस की नीति ही पूरी जीरो हो गई है। पहले पुलिस चोर, बदमाशों को पकड़ती थी। बनारस में देखा होगा, पुलिस-पुलिस को पकड़ रही है। इतनी लूट कभी किसी सरकार में नहीं हुई। जितनी इस सरकार में हो रही है। जब पुलिस के लिए 100 नंबर बनाया गया था, पुलिस मदद करती थी। जब सरकार ने 100 को 112 किया है तो पुलिस ने रेट बढ़ा दिया है। वो मदद नहीं कर रही है। दोनों पक्षों को थाने ले जा रही है। तब जाकर हिसाब-किताब हो रहा है। आंकड़े निकालकर देख लीजिए। माताओं-बहनों में इतना पहले आत्मदाह नहीं किया होगा। उन्होंने कहा कि बहुत दूर से आया हूं और अभी बहुत दूर जाना है। कोई भी रुकावट पैदा होती, तब भी आपके बीच आता। सपा उपचुनाव जितने जा रही है। नौ की नौ सीटें जीतने जा रही है।
अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्हें सरकार चलानी चाहिए थी, वो बुल्डोजर चला रहे हैं। ये इतिहास में पहली बार हुआ होगा। सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर को गैराज में खड़ा करा दिया। न्यायालय ने नियम का पालन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए कह दिया। अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि क्या रखा है आईएएस और आईपीएस में, हम भी इंजीनियर हो जाते, पर नहीं बने। कुर्ता-पैजामा पहनकर लाल टोपी लगा लिए। आपको भी बहुत शौक है वोट डालने और डलवाने का तो कुर्ता पैजामा सिलवा लीजिए। थोड़ी दिक्कत होगी टोपी पहनने में, हमारे यहां लाल टोपी लगा लो। खुशामद करने से कुछ मिलने वाला नहीं है। बड़ी पोस्ट पर बैठे अधिकारी जिनको और बड़ी पोस्ट चाहिए वो अपनी सीसीटीवी से तो बच जाएंगे पर जनता री नजर से नहीं बच पाएंगे। बीजेपी ढलान पर है और पीडीए चढ़ान पर है। ये चुनाव भाजपा वाले हारने वाले हैं। नोटबंदी में लाइन में लगाया, डीएपी के लिए लाइन में लगानी पड़ रही है। वोट डालने के लिए लाइन में लगोगे न...। उन्होंने कहा कि 13 नवंबर का मतदान 20 को कर दिया, मतदान को टाला है।