मिर्जापुर। गर्मी में पेयजल समस्या से निपटने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। ट्यूबवेल, मिनी ट्यूबवेल और हैंडपंपाें की मरम्मत कराई जाएगी। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं, सभासदों के माध्यम से सभी वार्डों में सर्वे भी कराया जा रहा है।
नगर में 1248 हैंडपंप लगे हैं, जिनमें से 115 खराब हैं। संकटमोचन वार्ड में घास की गली, केदारनाथ भट्टाचार्य की गली, पंखे वाली गली, पुरानी दशमी वार्ड, चंद्रदीपा समेत कई वार्डों में हैंडपंप खराब होने की वजह से लोग परेशान हैं। किसी का वाशर खराब हो गया है तो किसी के पाइप में लीकेज है। इसी प्रकार विंध्याचल में ट्यूबवेल खराब हो गया है। नगर में 72 ट्यूबवेल हैं, जो क्रियाशील हैं। वहीं, 960 मिनी ट्यूबवेल हैं, जिनमें से आठ खराब हैं। किसी की मोटर खराब हो गई है तो किसी का स्टार्टर।
ऐसे में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए इनकी मरम्मत कराई जाएगी। नगर पालिका प्रशासन ने इसके लिए फरवरी में शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा था। वहीं, सभासदों के जरिये पूरे नगर पालिका क्षेत्र में सर्वे कराया जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी ने बताया कि 15वें वित्त के ट्यूबवेल और हैंडपंपों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही मरम्मत कार्य कराया जाएगा, ताकि गर्मी में पेयजल की निर्बाध आपूर्ति होती रहे।
टैंकर की भी की जाएगी तैनाती
मिर्जापुर। नगर में आमतौर पर पानी की कोई समस्या नहीं है लेकिन इसके लिए टैंकरों को भी तैयार किया जा रहा है। लालडिग्गी स्थित जलकल विभाग में उनका निरीक्षण कराकर उनको तैयारी अवस्था मे रखने का निर्देश दिया गया है। अधिशासी अधिकारी जी लाल ने बताया कि जो प्रस्ताव किया गया है, वह पूरे वर्ष भर के लिए है। गर्मी के लिए जलकल विभाग एकदम तैयार है। जहां से सूचना आती है, वहां पर गैंग भेजकर तत्काल मरम्मत कराया जाता है।
पुरी कटरा और सबरी मोहल्ले में होता है संकट
मिर्जापुर। नगर पालिका क्षेत्र के पुरी कटरा व सबरी मोहल्ले में गर्मी में समस्या हो जाती है। जब बड़ा ट्यूबवेल खराब होता है तो दोनों जगहों पर मिलाकर लगभग 10000 की आबादी समस्याग्रस्त हो जाती है। इसके लिए मिनी ट्यूबवेल भी गली गली में लगवाए गए हैं लेकिन घनी आबादी होने के कारण पानी का दबाव कम होता है।