नगर पालिका परिषद बोर्ड मिर्जापुर की बोर्ड बैठक बुधवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। सभासदों ने सगरा वाहन स्टैंड के भूमि की माप, स्वकरण प्रणाली सहित अन्य पिछली कई कार्यवृत्ति पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई। सभासदों ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को दंडित करने की मांग की और निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए बैठक को स्थगित कर दिया।
नगर पालिका अध्यक्ष राजकुमारी खत्री की अध्यक्षता में बुधवार को पालिका की बोर्ड की आकस्मिक बैठक हुई। बैठक शुरू होते ही सभासद अवनीश मिश्र और लवकुश प्रजापति ने कंतित स्थित सगरा स्टैंड के पास नगर पालिका की जमीन पर हो रहे कब्जे को रोकने के लिए उठाए गए कदम की जानकारी मांगी। जिस पर कर अधीक्षक चुप्पी साध गए। सभासद अवनीश मिश्रा ने कहा कि पिछली बोर्ड बैठक में अधिशासी अधिकारी ने मामले की जांच करने का आदेश दिया था, लेकिन चार माह बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सभासदों ने अधिकारियों और कर्मचारियों के ग़ैर जिम्मेदाराना रवैए पर नाराजगी जताया। सभासदों ने पालिका कार्यों में अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा हीलाहवाली करने और आदेश का अनुपालन नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। सभासद ताबीर शौकत ने कहा कि बोर्ड बैठक में जब तक पिछली बैठक की कार्यवृत्तियों की पुष्टि नहीं हो, तब तक आगे की बोर्ड बैठक का कोई औचित्य नहीं बनता है। सभासदों ने आदेशों के अनुपालन में हीला हवाली करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्घ शासन को पत्र भेज कर कार्यमुक्त करने की मांग करते हुए सदन की बैठक को स्थगित कर दिया।
बोर्ड बैठक में प्रदीप सोनकर, राजेश सोनकर, लवकुश प्रजापति, द्वारिका साहू, किरन सोनी, अर्चना गुप्ता, गणेश प्रसाद, शंकर बिंद, राजन यादव आदि सभासद मौजूद रहे।