मिर्जापुर। जिगना थाना क्षेत्र के कोठरा दुबान गांव में सात वर्ष पूर्व हुए दहेज हत्या मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट लाल बाबू यादव ने सास-ससुर को दोष सिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
जिगना थाना क्षेत्र निवासी सत्य नरायण दुबे ने 24 अप्रैल 2015 को जिगना थाने में तहरीर देकर बताया कि बहन ममता की शादी कोठरा दुबान गांव निवासी भरत दुबे से की थी। 24 अप्रैल को उसकी बहन की हत्या कर दी गई। उसके ससुराल वाले एक लाख रुपये की मांग कर रहे थे। शादी के समय एक लाख रुपये नगद और 75 हजार का गहना दिया गया था। शादी के दो महीने बाद से ही बार-बार दहेज के लिए दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अपर पुुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस व पैरवी सेल ने प्रभावी पैरवी की। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार यादव ने गवाहों को परीक्षित कराकर साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किया। गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य को देखते हुए अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट लाल बाबू यादव ने आरोपी विजय कुमार दुबे और अंजली देवी को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास से दंडित किया। साथ ही 10 हजार का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न जमा करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।