मिर्जापुर। जिला पंचायत के सभागार में मुख्य विकास अधिकारी / प्रभारी जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में सिंचाई का मुद्दा छाया रहा। नरायनपुर विकास खंड से आए ज्यादातर किसानों में सिंचाई खंड चुनार पर लापरवाही का आरोप मढ़ते हुए टेल तक पानी न पहुंचने का रोना रोया। खरीफ गोष्ठी में कृषि, पशुपालन, उद्यान, सहकारिता, विद्युत, सिंचाई, नहर सहित कृषि से संबंधित अन्य विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से किसान हित में संचालित योजनाओं के बारे में बताया।
उप कृषि निदेशक ने कृषि विभाग की ओर से संचालित योजनाओं के बारे में जहां किसानों को जानकारी दी वहीं जिला कृषि अधिकारी पवन कुमार प्रजापति ने जिले में उर्वरक पर्याप्त उपलब्ध बताया। प्रभारी जिलाधिकारी / मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस ने किसानों का आह्वान करते हुए अधिक से अधिक संख्या में एफपीओ (फारमर प्रोड्यूसर आर्गनाइजेशन) का निर्माण करने तथा कृषकों के उत्पादों की एफपीओ के माध्यम व मार्केटिंग में आधुनिक संसाधनों व्हाट्सएप, फेसबुक आदि के प्रयोग पर दिया। जीपी तिवारी वरिष्ठ प्रबंधक इफको की ओर से नैनो टेक्नोलॉजी यूरिया व डीएपी पर प्रकाश डाला। कृषि विज्ञान केंद्र, बरकछा से आए कृषि वैज्ञानिक डा संत प्रसाद ने धान की फसलों में उर्वरक प्रयोग करने की मात्रा, विधि व सावधानी के बारे में बताया। डॉ. एसएन सिंह ने पौधों में पोषक तत्वों के प्रयोग व महत्व के बारे में जानकारी दी। डॉ. श्रीराम सिंह ने धान में लगने वाले कंडुआ व झोंका बीमारी के प्रति किसानों को जागरूक किया। संयुक्त कृषि निदेशक अरविंद कुमार सिंह ने नई-नई तकनीकों के उपयोग पर बल दिया। खरीफ गोष्ठी में संजय मिश्रा, प्रमोद कुमार सिंह, किसान यूनियन अध्यक्ष अली जमीर खां, सिद्धनाथ सिंह व प्रह्लाद सिंह ने अपने-अपने अनुभवों को किसानों के समक्ष प्रस्तुत किया।