भारत और पाकिस्तान का ध्वज
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बहुत मुश्किल था पता लगाना
मिर्जापुर। मिर्जापुर की एलआईयू ने एक बड़ा काम किया है। अधूरे नाम पते के बाद भी पाकिस्तान के जेल में बंद युवक का असली नाम और पता खोज निकाला। 20 माह में नाम पता न मिलने पर एलआईयू चाहती तो नाम पता न मिलने की जानकारी भेज सकती थी, पर एलआईयू की टीम ने अपनी मेहनत के दम पर उसका पता खोज निकाला।
छह भाइयों में सबसे छोटा है पुनवासी, बस बहन है जिंदा
पाकिस्तान की जेल में बंद पुनवासी अनुसूचित जाति का है। पुनवासी छह भाई और एक बहन है। पुनवासी के पांच भाई मूरली, गोनू, मिठाई लाल, मतरु व शंकर की मौत हो चुकी है। बहन किरन की शादी लालगंज थाना क्षेत्र के बसइटा बहुती बलहरा गांव में मुन्नू से हुई है। मुन्नू ने बताया कि पुनवासी की माता श्याम दुलारी और पिता कन्हैया लाल व पांच भाईयों का निधन हो चुका है।
बताया कि मुन्नी 20 या 22 वर्ष का था, जब उनके यहां रहता था। देहात कोतवाली के भरुहना स्थित अपने घर जाता था, फिर बहन के घर रहने आता था। बताया कि उन्होंने ही उसका विवाह किया था। विवाह के गौना हुआ। छह माह बाद दोंग की तारीख तय हुई। उसके 20 दिन पहले वह लापता हो गया। बताया कि वह शादियों में बैंड बाजा में ताशा बजाता था।
मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण घर से कब लापता हो गया पता नहीं चला। बताया कि लापता होने के पांच दिन पहले वह बहन के घर पर ही था। उसके न मिलने पर खोजबीन की गई, पर वह नहीं मिला। अब उसके पाकिस्तान में की जेल में बंद होने की जानकारी मिली है। जेल में बंद होने का दु:ख है, पर इस बात की खुशी भी है कि वह जिंदा और सही सलामत है।
मिर्जापुर जिले का जो नागरिक पाकिस्तान की जेल में बंद है। उसे वापस लाने के लिए प्रयास किया जाएगा। उसके परिवार की बात को शासन तक पहुंचाया जाएगा।
रत्नाकर मिश्र, नगर विधायक
पाकिस्तान की जेल में बंद मिर्जापुर के नागरिक को वापस लाने के लिए सरकार अपना काम कर रही है। उसके राष्ट्रीयता की पुष्टि हो गई है तो उसे जल्द वापस लाने का कार्य विदेश विभाग करेगा। अपने तरह से भी शासन को जल्द वापसी की कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।
राहुल कोल, छानबे विधायक
संभवत: पुनवासी की सजा हो चुकी है पूरी
पुनवासी गलती से बार्डर पार कर पाकिस्तान के पहुंच गया। 2009 से वह जेल में बंद है। 2019 में पाकिस्तान सरकार ने भारतीय विदेश मंत्रालय को उसके राष्ट्रीयता की पुष्टि के लिए उसकी जानकारी इसलिए भेजा था। पुलिस और अन्य जानकारी के मुताबिक अब तक उसकी सजा पूरी हो गई होगी। उसकी राष्ट्रीयता की पुष्टि होने के बाद उसे वापस लाने की प्रक्रिया होगी।
अनपढ़ और मानसिक रूप से अस्वस्थ है बंदी
मिर्जापुर। भारतीय बंदी से पाकिस्तान की जेल में पूछताछ की गई है। उसने जो जानकारी दी है उसे एक फॉर्म में भरा गया है। इस फॉर्म में बंदी ने अंगूठे का निशान लगाया है। उसके सिर में कट का निशान है। गृह मंत्रालय के लेटर में यह भी बताया गया है कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है।
हापुड़ और सहारनपुर में भी हुई थी खोज
मिर्जापुर के साथ हापुड़ और सहारनपुर के डीएम को भी पत्र लिखा गया है। पाकिस्तान से जो पता आया था उसमें मिर्जापुर का जिक्र था। मिर्जापुर जिला तो है ही, कई जिलो में मिर्जापुर नाम से गांव व अन्य स्थान भी है। इसे देखते हुए इन सहारनपुर और हापुड़ के डीएम को भी पत्र लिखा गया था। डिटेल में जो पता दिया गया है, उससे मिर्जापुर जिले के नागरिक होने की संभावना अधिक लग रही थी। आखिर का वह मिर्जापुर जिले का ही नागरिक निकला।