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विंध्याचल मंदिर पर महिला श्रद्धालुओं से पुलिस का दुर्व्यवहार, घंटा बजाते समय झोंकने पर हुआ विवाद

Mon, 05 Oct 2020 12:42 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
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विंध्याचल में दर्शन को उमड़े लोग - फोटो : अमर उजाला
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मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में घंटा बजाते समय महिला भक्त को धक्का देने को लेकर हुए विवाद के बाद महिला के पुत्र और पुलिस में झड़प हो गई। मंदिर में महिला पुलिस की तैनाती के बाद भी पुरुष पुलिसकर्मी महिला दर्शनार्थियों को धक्का देते रहे। विवाद के बाद युवक पुलिस पर मोबाइल छीनने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गया।

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इस बीच, किसी ने एडीजी जोन वाराणसी को झड़प का वीडियो भेज दिया। एडीजी के आदेश पर प्रभारी एसपी ने मामले की जांच सीओ सिटी को दी। उधर, धरने पर बैठे युवक को विंध्याचल कोतवाल ने कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। पुलिस के मुताबिक दर्शनार्थी दोबारा मंदिर में प्रवेश कर रहा था, उसे निकाला गया तो वह भिड़ गया। महिलाएं बचाने लगीं। पुलिस ने कोई दुर्व्यवहार नहीं किया है।
 
प्रयागराज जिले के करछना थाना क्षेत्र देवरी गांव निवासी आनंद सिंह पुणे में सिक्योरिटी गार्ड आफिसर हैं। वह रविवार को अपनी मां, सास, पत्नी और बहन के साथ मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने आया था। दर्शन लिए वह दो नंबर के प्रवेश द्वार पर लाइन में लगा था। इस दौरान पुलिस और दर्शनार्थी में विवाद हो गया। लोगों ने बीच-बचाव किया। इसके बाद आनंद सिंह मंदिर परिसर में धरने पर बैठ गया।
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आनंद सिंह ने बताया कि मां ने घंटा बजाया तो सिपाही ने धक्का मार दिया। मां ने पीछे मुड़कर कहा कि कौन धक्का मारा तो सिपाही ने फिर मां को धक्का मारा। मैने पूछा तो उसे भी धक्का मारा। सीढ़ी के पास मेरा दोनों फोन छीन लिया। मोबाइन बचाने पर पुलिस के ऊपर मेरा हाथ गया। आरोप लगाया कि पुलिस ने मोबाइल छीना है।
 

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मां विंध्यवासिनी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस और दर्शनार्थी के बीच झड़प का वीडियो वायरल हो गया। वायरल वीडियो एडीजी के पास पह़ुंच गया। प्रभारी एसपी संजय कुमार के निर्देश पर विंध्ययाचल कोतवाल शेषधर पांडेय ने मंदिर पर जाकर दर्शनार्थी आनंद सिंह से बात की। थाना प्रभारी द्वारा मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देने पर दो घंटे बाद धरना समाप्त हुआ और दर्शनार्थी अपने घर गए।  

मंदिर ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी नहीं लगाते नेम प्लेट

मंदिर में दर्शनार्थी, पंडा और पुलिस के बीच आए दिन विवाद होता है। विवाद को देखते हुए पंडा समाज के लिए परिचय पत्र जारी किया गया है। लोगों का यह भी आरोप है कि मंदिर में ड्यूटी करने वाली पुलिसकर्मी नेम प्लेट नहीं लगाते हैं। कई बार भक्त पुलिस पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते है तो पुलिसकर्मी वहां से नदारद हो जाते हैं। कार्रवाई के लिए दर्शनार्थी नाम नहीं बता पाते हैं, तो ऐसे में दोषी पुलिसकर्मी बच जाते हैं। 

पुलिस का व्यवहार अनुचित

विंध्य पंडा समाज के पूर्व अध्यक्ष राजन पाठक ने कहा कि मां विंध्यवासिनी के दरबार में आने वाले सभी भक्त हम सभी के लिए अतिथि हैं। उनके साथ पुलिस कर्मियों द्वारा ऐसा व्यवहार बिल्कुल अनुचित है। इस पर उच्च अधिकारियों को तत्काल संज्ञान में लेना चाहिए ।  
भक्त का परिवार लाइन में लगा था। युवक पहले दर्शन कर बाहर आया। इसके बाद दोबारा उसी लाइन में जा रहा था। सिपाहियों ने मना किया तो विवाद हुआ। उसके परिवार की औरतें उसे बचाने लगी। इस बीच, उसका मोबाइल कहीं गिर गया। वह पुलिस पर मोबाइन छीनने का आरोप लगा रहा है। उसे आश्वासन दिया गया है कि सर्विलांस पर मोबाइल लगाकर उसे वापस दिलाया जाएगा। मामले की जांच सीओ सिटी को दी गई है। मंदिर में तैनात पुलिसर्मियों को नेम प्लेट लगाने का निर्देश दिया गया है। 
संजय कुमार, प्रभारी एसपी
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