पुलिस और दर्शनार्थी के बीच झड़प का वीडियो वायरल हो गया। वायरल वीडियो एडीजी के पास पह़ुंच गया। प्रभारी एसपी संजय कुमार के निर्देश पर विंध्ययाचल कोतवाल शेषधर पांडेय ने मंदिर पर जाकर दर्शनार्थी आनंद सिंह से बात की। थाना प्रभारी द्वारा मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देने पर दो घंटे बाद धरना समाप्त हुआ और दर्शनार्थी अपने घर गए।
मंदिर ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी नहीं लगाते नेम प्लेट
मंदिर में दर्शनार्थी, पंडा और पुलिस के बीच आए दिन विवाद होता है। विवाद को देखते हुए पंडा समाज के लिए परिचय पत्र जारी किया गया है। लोगों का यह भी आरोप है कि मंदिर में ड्यूटी करने वाली पुलिसकर्मी नेम प्लेट नहीं लगाते हैं। कई बार भक्त पुलिस पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते है तो पुलिसकर्मी वहां से नदारद हो जाते हैं। कार्रवाई के लिए दर्शनार्थी नाम नहीं बता पाते हैं, तो ऐसे में दोषी पुलिसकर्मी बच जाते हैं।
पुलिस का व्यवहार अनुचित
विंध्य पंडा समाज के पूर्व अध्यक्ष राजन पाठक ने कहा कि मां विंध्यवासिनी के दरबार में आने वाले सभी भक्त हम सभी के लिए अतिथि हैं। उनके साथ पुलिस कर्मियों द्वारा ऐसा व्यवहार बिल्कुल अनुचित है। इस पर उच्च अधिकारियों को तत्काल संज्ञान में लेना चाहिए ।
भक्त का परिवार लाइन में लगा था। युवक पहले दर्शन कर बाहर आया। इसके बाद दोबारा उसी लाइन में जा रहा था। सिपाहियों ने मना किया तो विवाद हुआ। उसके परिवार की औरतें उसे बचाने लगी। इस बीच, उसका मोबाइल कहीं गिर गया। वह पुलिस पर मोबाइन छीनने का आरोप लगा रहा है। उसे आश्वासन दिया गया है कि सर्विलांस पर मोबाइल लगाकर उसे वापस दिलाया जाएगा। मामले की जांच सीओ सिटी को दी गई है। मंदिर में तैनात पुलिसर्मियों को नेम प्लेट लगाने का निर्देश दिया गया है।
संजय कुमार, प्रभारी एसपी