मिर्जापुर में 92 लड़कों और 22 लड़कियों को सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया गया
मिर्जापुर। रेलवे सुरक्षा बल के ऑपरेशन ‘नन्हे फरिस्ते’ में मिर्जापुर स्टेशन पूरे प्रयागराज मंडल में सबसे आगे है। एक जनवरी से 15 जून तक यहां से 114 भटके, लापता, संकटग्रस्त बच्चों को सुरक्षित बचाकर उनके परिजनों अथवा चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंपा गया। प्रयागराज मंडल में इस अवधि में 315 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। जिनमें अकेले मिर्जापुर की हिस्सेदारी 36 प्रतिशत है। यहां 92 लड़कों और 22 लड़कियों को सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया गया।
उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में अकेले, लापता, भटके हुए अथवा असुरक्षित परिस्थितियों में मिले बच्चों की पहचान कर उन्हें संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। बचाए गए बच्चों में ऐसे बच्चे भी शामिल हैं। जो परिजनों से बिछड़ गए थे या घर से निकलकर रेलवे परिसर तक पहुंच गए थे। मिली जानकारी के अनुसार मिर्जापुर स्टेशन से 92 लड़के और 22 लड़कियों समेत कुल 114 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया। इसके बाद कानपुर सेंट्रल से 51 और प्रयागराज जंक्शन से 45 बच्चों का रेस्क्यू किया गया। अलीगढ़ से 19, टूंडला से 18 और फतेहपुर से 15 बच्चों को सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया गया। बचाव के बाद आरपीएफ की ओर से बच्चों को आवश्यक देखभाल और सुरक्षा उपलब्ध कराई गई। सत्यापन और नियमानुसार कार्रवाई के बाद उन्हें उनके परिजनों या चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के सुपुर्द किया गया। छह महीने में सुरक्षित बचाए गए बच्चों में 197 लड़के और 118 लड़कियां शामिल हैं। ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत यह कार्य किया जा रहा है। यदि किसी बच्चे को स्टेशन अथवा ट्रेन में अकेला, परेशान या संदिग्ध परिस्थितियों में देखें तो तत्काल रेलवे हेल्पलाइन 139, आरपीएफ अथवा निकटतम रेलवे कर्मचारी को सूचना दें।
सबसे ज्यादा बच्चे मिर्जापुर स्टेशन से मिले
मिर्जापुर : 114
कानपुर सेंट्रल : 51
प्रयागराज जंक्शन : 45
अलीगढ़ : 19
टूंडला : 18
फतेहपुर : 15
वर्जन
ऑपरेशन ''नन्हे फरिस्ते'' के तहत संकटग्रस्त बच्चों को सुरक्षित संरक्षण प्रदान कर उनके परिजनों व चाइल्ड लाइन को सौंपा जाता है। मिर्जापुर स्टेशन पर आरपीएफ की टीम ने प्रयागराज मंडल में सबसे अधिक बच्चों को बचाया है।
-अमित कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, प्रयागराज मंडल, उत्तर मध्य रेलवे