चील्ह। सेवानिवृत्ति से दो माह पूर्व निलंबित हुए सहायक विकास अधिकारी पंचायत कोन पर कार्रवाई का कारण कार्य में लापरवाही को बताया जा रहा है। निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष सामुदायिक शौचालयों का कम निर्माण होना व बन चुके शौचालयों का हस्तांतरण महिला समूहों को न किया जाना निलंबन की वजह बना। शशिभूषण मिश्रा ने प्रशासक के तौर पर विकास खंड कोन के 44 ग्राम पंचायतों का कार्यभार चुनाव के पूर्व तक संभाला। इस दौरान ग्राम पंचायत के खाते से कई भुगतान भी हुए।
ग्रामीणों ने विकास कार्यों में भारी गोलमाल व घोटाले की शिकायत शासन तक की थी। ग्रामीणों का आरोप था कि कई गांव के खातों में काफी धनराशि अवशेष पड़ी हुई थी। सामुदायिक शौचालयों का निर्माण 39 के स्थान पर 30 ही किया गया। इन्हें समूहों को स्थानांतरित भी नहीं किया गया। सामुदायिक शौचालय की देखरेख के लिए लगभग 27 हजार रुपये तीन माह पर समूह की महिलाओं को स्थानांतरित किया जाना था। ऐसा नहीं किए जाने का आरोप भी एडीओ पंचायत पर लगा। इसी आधार पर शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया। एडीओ पंचायत पर शासन के मंशा के अनुरूप कार्य न करते हुए काम को देरी से करने का आरोप लगाते हुए संयुक्त निदेशक पंचायती राज की संस्तुति पर पंचायती राज उत्तर प्रदेश निदेशक किंजल सिंह ने निलंबित कर दिया। सहायक खंड विकास अधिकारी के सेवानिवृत्त होने के लगभग दो माह पूर्व निलंबित होने से पूरे ब्लॉक में चर्चा जोरों पर है।