विंध्याचल। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर विंध्याचल मंदिर को विकसित करने के लिए भेजे प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने मुहर लगा दी है। साढे़ तीन सौ करोड़ रुपये की धनराशि का प्रस्ताव स्वीकृत कर दिया गया है। इतना ही नहीं दो सौ करोड़ रुपये की प्रथम किस्त अवमुक्त करने की मंजूरी हो चुकी है। जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने कहा कि मां विंध्यवासिनी धाम का स्वरूप चैत्र नवरात्र मेला में बदला हुआ नजर आएगा। उन्होंने कहा कि दो सौ करोड़ रुपये की प्रथम किस्त जारी करने की मंजूरी हो चुकी है। जिलाधिकारी अष्टमी की शाम रोडवेज परिसर में सूचना एवं जन संपर्क कार्यालय की ओर से आयोजित सांस्कृतिक पंडाल में लोगों को संबोधित कर रहे थे।
जिलाधिकारी ने कहा कि धन आते ही अगले कुछ दिनों में विंध्याचल कारीडोर के विकास का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। डीएम ने कहा अगले चैत्र नवरात्र मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को पहले से और अधिक सुविधाएं प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले चैत्र नवरात्र मेला में इसी मंच पर अब नेशनल व इंटरनेशनल कलाकारों को बुलाकर सांस्कृतिक कार्यक्रम और भव्य बनाया जाएगा। जिलाधिकारी ने आठ दिन कार्यक्रम करने वालें सभी कलाकारों में कजली व लोकगीत गायिका उषा गुप्ता, शिवलाल गुप्ता, जटाशंकर, बनारसी, विद्यासागर, बिरहा गायक बद्री कवि, हरीराम यादव, कत्थक नृत्य में वाराणसी से आये मनीश शर्मा व उनकी टीम, लखनऊ की कलाकार रंजना मिश्रा, खोखा मिर्जापुरी, के द्वारा कार्यक्रम मनोहारी कार्यक्रम प्रस्तुत करने पर बधाई दी।