नगर पालिका परिषद मिर्जापुर का चयन नमामि गंगे के कार्यों के लिए किया गया है। प्रदेश में दो निकाय चयनित हुए हैं। इनमें एक मिर्जापुर और दूसरा बिजनौर है। अब शीघ्र ही केंद्र की टीम निकाय का सर्वे कर कार्यां की रूपरेखा तय करेगी।
गंगा किनारे बसे निकायों में छूटे हुए कार्य कराने के लिए नमामि गंगे की एक कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत चयनित निकायों का सर्वे कर केंद्रीय टीम गंगा की निर्मलता व अविरलता के लिए जो भी कार्य किए जा रहे हैं और जो कार्य अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं, उनको पूरा कराया जाएगा।
मिर्जापुर नगर निकाय में दो मुख्य कार्य हैं। पहला कटानरोधी कार्य व दूसरा नालों की टेपिंग। कटानरोधी कार्य और नालों की टेपिंग पूरी नहीं हो सकी है। इसको लेकर कई बार सवाल भी उठ चुके हैं। 27 नालों में से अभी भी 12 नालों की टेपिंग का कार्य अधूरा है। इसका सीधा असर गंगा की निर्मलता को लेकर किए जा रहे दावों पर होता है।
इसको लेकर पिछले दिनों लखनऊ में एक बैठक का आयोजन किया गया था। उसमें प्रदेश के सभी निकायों के अधिशासी अधिकारी भी शामिल हुए थे। उस बैठक के बाद मिर्जापुर व बिजनौर निकाय का चयन इस परियोजना के लिए किया गया।
क्या बोले अधिकारी
नमामि गंगे की परियोजना के लिए नगर पालिका परिषद मिर्जापुर का चयन किया गया है। केंद्रीय टीम सर्वे के बाद किए जाने वाले कार्यों की डीपीआर तैयार करेगी। -जी लाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका मिर्जापुर