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मिर्जापुरः छह से ज्यादा गांवों की खेती के लिए अमृत बनेगा बाणसागर का पानी

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राजगढ़। बाणसागर परियोजना का पानी जरगो बांध में छोड़ा गया है। मेजा बांध से लिंक नहर के माध्यम से गोल्हनपुर बांध से होते हुए सिद्धनाथ दरी नदी के माध्यम से छह किलोमीटर दूर तक आपूर्ति की जा रही है। इससे किसानों को सिंचाई में सहूलियत होगी।
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बता दें कि 15 जुलाई 2018 को मिर्जापुर के चंदईपुर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बाणसागर परियोजना का पानी मेजा बांध के माध्यम से गोल्हनपुर से होते हुए जरगो बांध में छोड़ने का न सिर्फ एलान किया गया था बल्कि इसका बाकायदा उद्घाटन भी किया गया था।
बताया जाता है कि इंजीनियरों की टीम के लगभग तीन वर्ष के अथक प्रयास के बाद बांधो को लिंक नहर को जोड़ते हुए सोमवार को शाम चार बजे पानी जरगो जलाशय में छोड़ा गया। बाणसागर के छोड़े गए पानी को लेकर अधीक्षण अभियंता एसएन पांडेय व अधिशासी अभियंता सुरेशचंद्र यादव के निर्देश पर इंजीनियरों की टीम मानीटरिंग में लगी रही। दावा किया गया है कि बाणसागर के पानी से इमलिया चट्टी, अधवार, अदलहाट, कैलहट, कोलना, पटीहटा आदि गांव की सिंचाई के लिए अब पानी की कमी नहीं होने पाएगी। राजगढ़ एवं मड़िहान क्षेत्र के किसानों की मांग है कि यदि पानी सेमरा माइनर में गिरा दिया जाय तो राजगढ़ एवं मड़िहान क्षेत्र की सिंचाई के लिए धनरौल बांध पर आश्रित नहीं होना पड़ेगा। मानीटरिंग टीम में इंजीनियर धनंजय चौहान, मुसाफिर यादव, मनोज पांडेय, मोहम्मद इमरान, संतोष पांडेय, सुभाष चंद्र सिंह व आसिफ आदि लोग लगे रहे।
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