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Mirzapur News: राम राज्याभिषेक प्रसंग में आदर्श शासन और मर्यादा का संदेश

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लालगंज। मुरघुरा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के क्रम में बुधवार को भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास डॉ अजय पांडेय महाराज ने कहा कि राम का राज्याभिषेक केवल एक राजकीय अनुष्ठान नहीं बल्कि आदर्श शासन, न्याय और मर्यादा की स्थापना का प्रतीक है।
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कथावाचक ने कहा कि 14 वर्ष के वनवास, संघर्ष और धर्म पालन के बाद अयोध्या लौटे श्रीराम का राज्याभिषेक त्याग, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा की विजय का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि रामराज्य की परिकल्पना में न्याय, समानता, सुरक्षा और जनकल्याण सर्वोपरि था। श्रीराम ने प्रजा को परिवार के समान मानकर शासन किया। इससे राज्य में सुख, शांति और समृद्धि स्थापित हुई। महाराज ने कहा कि राम का जीवन यह सिखाता है कि नेतृत्व पद से नहीं, चरित्र और आचरण से स्थापित होता है। राज्याभिषेक के समय अयोध्या की प्रसन्नता और उल्लास का चित्रण करते हुए कहा कि जब शासक मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलता है तब समाज में विश्वास और संतुलन बना रहता है। यजमान रामकिंकर दुबे और रामलाल दुबे ने विधिवत आरती कर कथा का समापन किया। इस अवसर पर जयप्रकाश उपाध्याय, जिला पंचायत सदस्य विष्णु सिंह, बृजेश दुबे आदि रहे।
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