भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर बुधवार को लोगों ने उन्हें नमन किया। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। अधिकारियों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद भारतीय चिंतन की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के समन्वित विकास की परिकल्पना प्रस्तुत की।
वित्त अधिकारी आत्म प्रकाश धर द्विवेदी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने आर्थिक दृष्टि से अंत्योदय और आत्मनिर्भरता पर विशेष बल दिया।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय का जीवन अनुशासन, संगठन और राष्ट्र समर्पण का आदर्श उदाहरण है। इस अवसर पर प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. हरिओम त्रिपाठी, प्रो. गिरधर मिश्रा, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. वनिता सिंह, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. अंकित कुमार सिंह, डॉ. ममता सिंह, डॉ. अनुराग मिश्र मौजूद रहे।
जलालपुर में भाजपा की ओर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि को समर्पण दिवस के रूप में मनाया गया। जनहित महाविद्यालय में संगोष्ठी आयोजित की गई। जिलाध्यक्ष डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक और प्रमुख राष्ट्रवादी विचारक थे।
मातृभूमि के अनन्य उपासक पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया। मूल्यों पर आधारित उनके सिद्धांत और विचार देश की हर पीढ़ी के लिए पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे। संवाद