मिर्जापुर। कछवां थाना क्षेत्र में 17 माह पहले बगीचे में आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किए जाने के मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सुरेंद्र कुमार राय ने दोषसिद्ध होने पर आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड की राशि बतौर प्रतिकर पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है।
कछवां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 14 फरवरी को थाने में तहरीर देकर बताया कि उसकी आठ वर्षीय बेटी 13 फरवरी 2023 को पढ़ाई के बाद अपराह्न तीन बजे विद्यालय से घर के लिए निकली। पास के मंदिर परिसर में शिवचर्चा हो रही थी। पत्नी पहले से मंदिर में थी। शाम करीब साढ़े चार बजे पत्नी चली आई। पुत्री खेलने-कूदने के बाद घर के लिए निकली तो रास्ते में एक बगीचे में मौजूद लथेरू उर्फ दीपक उसकी पुत्री को पकड़कर ले गया। आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सुरेंद्र कुमार राय ने दुष्कर्म के इस मामले में दोषी पाए जाने पर आरोपी लथेरू उर्फ दीपक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने कहा कि लथेरु उर्फ दीपक द्वारा पीड़िता के साथ किए गए अपराध से शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक क्षति पहुंची है। इसलिए प्रतिकर दिलाया जाना भी उचित है। अर्थदंड की धनराशि बतौर प्रतिकर पीड़िता को अदा की जाएगी। धनराशि पीड़िता के वयस्क होने तक राष्ट्रीकृत बैंक में फिक्स डिपाजिट के रूप में रखी जाएगी।