मड़िहान में डबल मर्डर करने का आरोपी राहुल गुप्ता। स्रोत- पुलिस
भावां। मड़िहान थाना से 200 मीटर दूर सौतेली मां उषा व भाई राहुल की धारदार हथियार से हमला कर हत्या करने वाले आरोपी आयुष गुप्ता को पुलिस ने बुधवार को चालान कर जेल भेज दिया। मुख्य आरोपी को जेल भेजने के बाद पुलिस दर्ज दो अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। मंगलवार की भोर में चार बजे मड़िहान बाजार के मकान में राहुल गुप्ता ने अपनी सौतेली मां ऊषा गुप्ता (55) और सौतेले भाई आयुष गुप्ता (30) पर चापड़ से हमला कर हत्या कर दी थी। शवों को ठिकाने लगाने के लिए जल्दबाजी में ट्रैक्टर के आगे बंफर पर आयुष तो ट्राॅली में ऊषा गुप्ता के शव को लादकर पटेवर गांव के सामने मड़िहान ब्रांच नहर पर पहुंचा। सौतेली मां के शव को नहर में फेंकने के बाद भाई का शव लेने पहुंचा तो उसे नहीं मिला। शव खोजते हुए लौटा तो मड़िहान तिराहे पर भाई का शव देखा। उसे साल से ढककर उठाने का प्रयास किया तभी वहां बस का इंतजार कर रहे दो राहगीरों की नजर पड़ गई। शोर मचाते ही आरोपी घर पहुंच कर सुबूत मिटाने लगा। पुलिस ने सड़क किनारे मिले शव को कब्जे में लेने के साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मृतक उषा के दामाद राजकुमार की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी राहुल गुप्ता के साथ रामप्रसाद गुप्ता और सुषमा देवी पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। सीओ मड़िहान शिखा भारती ने बताया कि हत्यारोपी राहुल गुप्ता को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजा गया। दो अन्य की तलाश की जा रही है।
राजकुमार ने मड़िहान पुलिस पर लगाया लापरवाही का लगाया -भावां। मड़िहान बाजार में हुए दोहरे हत्याकांड में ऊषा गुप्ता के बरकछा निवासी छोटे दामाद राजकुमार गुप्ता ने बताया कि मड़िहान थाने से महज 150 मीटर दूर खूनी खेल खेला जा रहा था। घर के अंदर राहुल गुप्ता सास के साथ साले आयुष गुप्ता पर चापड़ से वार कर मौत के घाट उतार दिया और पुलिस गहरी निद्रा में सोती रही। वह दोनों के शवों को ट्रैक्टर- ट्रॉली पर लादकर छिपाने के लिए मड़िहान ब्रांच नहर तक गया लेकिन पुलिस को कुछ दिखाई नहीं पड़ा। संयोग था कि आयुष का शव तिराहे पर गिरा, नहीं तो हत्याकांड का पता ही न चलता। आरोप लगाया कि दोनों मृतकों ने आरोपी के खिलाफ कई बार मड़िहान थाने में तहरीर देकर जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई थी। अक्टूबर 2024 में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के साथ-साथ 1090 पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस विभाग की उदासीनता से हत्या कर दी गई। दोनों मौतों की सीआईडी जांच कराई जाए।
पिता और दादी को 7 वर्षीय ओम ने दी मुखाग्नि
भावां। पोस्टमार्टम के बाद रात को अंतिम संस्कार किया गया। सात वर्षीय बालक ओम ने पिता के साथ दादी को दी भी मुखाग्नि दी। उषा के छोटे दामाद राजकुमार गुप्ता ने बताया कि सास ऊषा गुप्ता, साले आयुष गुप्ता का शव मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शाम साढ़े चार बजे मिला। अंतिम संस्कार चौबे घाट पर किया गया। मुखाग्नि जिगना ननिहाल से आए आयुष गुप्ता के सात वर्षीय बालक ओम गुप्ता ने दी।
भवन में दीपक तक नहीं जला, दरवाजे पर रहा ताला
भावां। दोहरे हत्याकांड में मां ऊषा गुप्ता, भाई आयुष गुप्ता की हत्या के बाद गुप्ता सदन पर ताला लटका रहा। परिवार में कोई भी नहीं है जो घर पर रहकर मौत के बाद 13 दिनों तक चलने वाले संस्कार को पूरा कर सके। आयुष का पुत्र मुखाग्नि देकर नाना के घर चला गया। आयुष की दोनों बहनों संध्या गुप्ता,और मैनी गुप्ता अपने ससुराल में हैं। पिता प्रेमचंद्र गुप्ता की वर्ष 2023 में ही मौत हो चुकी है। आयुष गुप्ता की पहली पत्नी के गुजरने के बाद दूसरी शादी ददरी में हुई थी। वह भी बड़े-बुजुर्गों के साथ बिरादरी के लोगों के बीच छुट्टी-छुट्टा कर मायके में ही रह रही है। आरोपी राहुल गुप्ता के साथ उसकी एक बहन है। इन दोनों की मां ऊषा देवी की भी मौत लगभग 36 वर्ष पहले ही हो चुकी है। गुंजन भी अपने ससुराल चली गई है। अब घर का एक मात्र चिराग आयुष का पुत्र ओम गुप्ता ही बचा है,जो विवाद के चलते अपने ननिहाल जिगना में ही रहता है।