जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और भारतीय मानवाधिकार एसो. की ओर से अमृत महोत्सव के अंतर्गत बृहस्पतिवार को जसोहर पहाड़ी गांव में विधिक शिविर लगाने के साथ डोर टू डोर जागरूकता अभियान चलाया गया। लोगों को कानून के प्रति जागरूक किया गया।
विधिक शिविर में प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष सिंह ने बताया कि महिला, बच्चों, गरीब व कमजोर वर्ग के व्यक्तियों को उनके अधिकार की प्राप्ति, नि:शुल्क विधिक सहायता व सलाह का अधिकार न्यायालय द्वारा दिया गया है। नि:शुल्क विधिक परामर्श व सरकारी खर्च पर अधिवक्ता की सुविधा विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाती है। विधिक शिविर को संबोधित करते हुए जिला प्रवक्ता स्मृति ने बताया कि जो बच्चे 3 वर्ष से लेकर 6 वर्ष के हैं। वे कक्षा आठ तक नि:शुल्क शिक्षा ले सकते हैं। विद्यालय को किसी प्रकार का शुल्क अभिभावक को नहीं देना पड़ेगा। उसके साथ महिला अधिकार व घरेलू हिंसा के बारे में बताया। शिविर में एसोसिएशन की जिला प्रभारी मंजीत सिंह, बाल संरक्षण प्रकोष्ठ की प्रमुख मीनाक्षी टंडन आदि रहे।