मिर्जापुर। नगर की सीमा से सटी लोहंदी नदी ग्यारह तखवा के पास कूड़े से पट गई है। एक फैक्ट्री से निकलने वाले जहरीले पानी ने इसको दूषित कर दिया है। आसपास की बस्तियों का गंदा पानी भी इसमें गिरता है। ऐसे में इसमें नहाना तो दूर, पशु भी इसका पानी नहीं पीते।
बरकछा खुर्द के अटारी से निकली लोहंदी नदी छितपुर, सिरसी गहरवार, सिरसी बघेल, लोहंदीखुर्द, चंदईपुर, नकहरा, गोपालपुर, राजापुर व कंतित ग्रामीण होते हुए ओझला के पास 11.38 किलोमीटर का सफर तय करते हुए गंगा में मिल गई है। नकहरा से आगे एक फैक्ट्री के केमिकल युक्त पानी सहित लोहंदीकला में अगल-बगल बस्तियों के घरों से निकला गंदा पानी सीधे नदी में गिरने से पानी काला पड़ गया है। गंदगी व प्रदूषित पानी के चलते जहां मच्छर पनप रहे हैं वहीं दूषित पानी के चलते नदी से उठ रहे दुर्गंध से आसपास बस्तियों के लोगों का घर से बाहर उठना बैठना दुश्वार हो गया है। स्थानीय लोगों के द्वारा समस्या को लेकर कई बार मामला उठाया गया। हो हल्ला के बाद मामला फिर ठंंडा पड़ जा रहा है।