पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले में मृतक की पुत्री ने अदालत में बयान दिया कि उसके माता-पिता को उसके चाचा ने फरसा से मारा है।
मिर्जापुर देहात कोतवाली क्षेत्र के खजूरी गांव में 10 वर्ष पूर्व पति-पत्नी की हत्या मामले में अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने दोषी पाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
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देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के खजूरी गांव में 15 मई 2012 को छत पर सो रहे उदय बिंद और उसकी पत्नी माया बिंद की धारदार हथियार से गला काट कर हत्या कर दी गई थी। मामले में उदय के पिता रामखेलावन ने मुकदमा दर्ज कराया। छानबीन में पुलिस ने मृतक के छोटे भाई जालंधर बिंद को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले में मृतक की पुत्री ने अदालत में बयान दिया कि उसके माता-पिता को उसके चाचा ने फरसा से मारा है। एडीजीसी क्रिमिनल काशी नाथ दुबे ने गवाह और सुबूत न्यायालय में प्रस्तुत कर आरोपी को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की।
पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य व गवाहों के बयान के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र मिश्रा ने आरोपी जालंधर बिंद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।