सप्ताह भर से क्रय केंद्राें पर रखे धान की खरीद न होने से सैकड़ाें किसानाें के हजाराें कुंतल धान रविवार को हुई बारिश के कारण भीग गए।
इससे गुस्साए किसानाें ने अधिकारियाें पर लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए हंगामा मचाया। कहा कि कर्मचारी कागजाें पर धान की खरीद कर शासन को रिपोर्ट भेजने में लगे हुए हैं जबकि हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
शासन में बैठे लोग इस पर ध्यान नहीं देंगे तो किसानाें को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।जिले के क्रय केंद्र कर्मियाें द्वारा धान खरीद पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इससे किसान अपने फसल को औने पौने दामाें में व्यापारियाें के हाथाें बेचने के लिए मजबूर हैं। सप्ताह भर से क्रय केंद्राें पर बेचने के लिए रखे सैकड़ाें किसानाें के धान की खरीददारी न होने से शनिवार की रात से रुक रुक कर हो रही बारिश में धान भीग गया।
इसको लेकर किसानाें में खासा आक्रोश है। किसान विनोद कुमार ने कहा कि अधिकारियाें की लापरवाही के कारण उनके धान की खरीद नहीं हो रही है।
कर्मचारी कभी बोरे की कमी तो कभी अन्य बहाना बना कर धान नहीं खरीद रहे। अभी तक किसान अपने धान को क्रय केंद्र पर रख कर बेचने के लिए परेशान हैं।
वहीं केंद्र के कर्मचारी 16 सौ कुंतल धान की खरीद होना बता रहे हैं। बताया कि क्षेत्र के करमा हिनौता व मड़िहान के हिनौता में क्रय केंद्र खोला गया है।
जिसमें मड़िहान का हिनौता का केंद्र कागजाें पर ही संचालित हो रहा है। धान खरीद के दौरान तौल से लेकर उठान कराने तक सुविधा शुल्क लिया जा रहा है।
किसानों ने बताया कि जो सुविधा शुल्क नहीं दे रहा है उसका धान नहीं खरीदा जा रहा है। किसान अमित गुप्ता ने बताया कि क्रय केंद्र के प्रभारी मिल मालिकाें से मिलीभगत कर धान की खरीदारी दिखा रहे हैं।
किसान नेता देवशरण गुप्ता ने कहा कि जिले में कहीं पर धान की खरीद नहीं हो रही है। अहरौरा, शेरूआ, हलिया या मड़िहान, कछवां, छानबे आदि इलाकों में खरीददारी नहीं हो रही है।