आगामी विधानसभा चुनाव तक उत्तर प्रदेश में भाजपा का पूरा फोकस सपा सरकार के कुशासन के खिलाफ आंदोलन और बूथ स्तर तक संगठन के विस्तार पर होगा।
यहां देवरहा हंस बाबा के आश्रम में रविवार को प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक के आखिरी दिन कुल 27 प्रस्ताव पेश हुए।
अलग-अलग बैठकों में पेश किए गए इन प्रस्तावों पर चर्चा के साथ ही कई संशोधन किए गए। प्रदेश में सपा के खिलाफ प्रभावी और निर्णायक आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए एक कमेटी के गठन को मंजूरी मिली।
लोकसभा चुनाव की तर्ज पर भाजपा यूपी में भी ‘सबका साथ-सबका विकास’ फार्मूले के साथ चुनावी महासमर में उतरने की रणनीति पर आगे बढ़ेगी। भाजपा का मानना है कि यूपी को जीतना है तो पहले यूपी की 18 करोड़ की जनता का भरोसा जीतना होगा।
नेता, नारे और नीति ऐसी हो जो सबके लिए हो और सबको साथ लेकर चल सके।
जल्द ही सूबे में गूंजेंगे नए नारे
सपा को उसके ही गढ़ में घेरने के लिए भाजपा ने पूरी तैयारी कर ली है।
बिजली की किल्लत, किसानों की बदहाली, जर्जर सड़कें और बेपटरी हो चुकी कानून व्यवस्था को भाजपा मुद्दा बनाएगी।
‘यूपी बना भ्रष्टाचार प्रदेश’, ‘किसाना बचाओ-बिजली दो’ जैसे नए नारों को के साथ भाजपा कार्यकर्ता जल्द ही सड़कों पर आंदोलन करते नजर आएंगे।
बूथ जीतने की योजना
सूबे में कुल एक लाख 40 हजार बूथ हैं। कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक में बूथ प्रबंधन पर राष्ट्रीय पदाधिकारियों की मौजूदगी में मंथन हुआ।
पार्टी का मानना है कि बूथ जीत लिया तो यूपी जीतने से कोई नहीं रोक सकेगा। इसके लिए पार्टी ने सदस्यता अभियान के दौरान ही बूथ की जीत सुनिश्चित करने का कार्यकर्ताओं को आह्वान किया है।
अहंकार छोड़ें और संवाद करें
2017 का चुनाव युद्ध है। युद्ध को जीतना है तो वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को अपने अहंकार का त्याग कर निचले स्तर के कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित करना होगा। उनके सुख-दुख में शामिल होना होगा।
पूरी ताकत और सामर्थ्य के साथ पार्टी के ‘विकास’ और ‘सुशासन’ के मिशन को आगे बढ़ाना होगा। यूपी में पार्टी के पास पांच लाख कार्यकर्ता हैं। सभी को अभी से चुनावी महासमर के लिए तैयार करें।
सपा के खिलाफ होगी आर-पार की लड़ाई
भाजपा ने कहा कि यादव सिंह और गायत्री प्रजापति का भ्रष्टाचार सपा सरकार की सत्ता से बेदखली का आधार बनेगा। सपा के कुशासन के खिलाफ भाजपा सड़क पर चरणबद्ध आंदोलन करेगी।
समापन सत्र में मौजूद रहे दिग्गज
समापन सत्र में अखिल भारतीय सह महामंत्री (संगठन) शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही, रमापति राम त्रिपाठी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल, प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह, आनंद रत्न मौर्य, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश राणा आदि मौजूद रहे।
संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष धरमपाल सिंह ने किया।