प्राचीन जरगो नदी के सूखने से सब्जी उत्पादक परेशान हैं। सब्जी उत्पादन के लिए पानी नहीं मिलने से सब्जियों की खेती भी सूखने लगी है। इसके अलावा नदी के आसपास के दर्जनों गांव के पशुओं को हरा चारा व पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। नदी के किनारे बसे गांव के किसानों ने जिला प्रशासन से मांग किया है कि नदी में डैम से पानी की आपूर्ति की जाए, जिससे पशुओं को पीने का पानी मिल सके।
चुनार नगर के पूर्वी सीमा से बहने वाली प्राचीन जरगो नदी के जल से कजिया, सरैया, रैपुरियां, लालदरवाजा, दुगाड़ी, भरपुर, सांदी बांध सहित अनेक गांवों के किसान हरी सब्जियों की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं। जिसे नगर व आसपास के सब्जी मंडी में बेची जाती है। नगर की लाइफ कहीं जाने वाली जरगो नदी भीषण गर्मी के चलते पूरी तरह सूख कर नाली बन चुकी है।
सब्जी उत्पादक मोहन व राजेश सोनकर, बाबूलाल कुशवाहां, राम सिंह व राम जतन कहते हैं कि पहले जरगो नदी में हमेशा पानी रहता था। जिससे खेती बारी करने में कोई परेशानी नहीं आती थी, लोगों का कहना है कि नदी के अविरल प्रवाह को रोकने के लिए बकियाबाद गांव में चेक डैम का निर्माण प्रभावशाली लोगों द्वारा करा दिया गया।
जिससे जरगो नदी में पानी की समस्या हमेशा बनी रहती है। बता दें कि नगर से हो कर गुजरने वाली जरगो नदी के जल से किसानों को राहत मिलती रही है।