मिर्जापुर। शेरवां क्षेत्र में तीन, चार दिनों तक हुई झमाझम बारिश के कारण भोंका नाला में आए पानी के दबाव के चलते जर्जर तटबंध शनिवार की देर शाम टूटा गया। तटबंध टूटने से किसानों की फसल जलमग्न हो गयी। क्षेत्र के बनौली व डूही कलां के बीच भोंका नाला पर सिंचाई के लिए रेगुलेटर बना हुआ है। जिससे कई गांवों की सिंचाई होती है। 17 सितंबर को अत्यधिक बारिश के कारण नाले पानी के दबाव से भोंका नाला का पूर्वी तटबंध लल्लापुर मौजा के सामने टूट गया। रेगुलेटर में लगे पटरे को समय से नहीं निकालने व ऑयल ग्रीसींग नहीं होने के चलते रेगुलेटर जाम होने के कारण तटबंध टूटा। क्षेत्र के निचले गांवों में जलप्लावन की स्थिति हालात बन गए है। बनौली गांव के सतीश सिंह के साथ दर्जनों ग्रामीणों ने गांव के नाले पर लगे जाम पटरे को हटाया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय से सिंचाई विभाग द्वारा रेगुलेटर में लगे पटरों को निकाल दिया गया होता तो नाले का तटबंध नहीं टूटता। अन्न दाता मंच के संयोजक चौधरी रमेश सिंह, विश्वनाथ सिंह, भृगुनाथ सिंह, सुजीत सिंह, जय गोपाल सिंह, सुभाष चन्द्र सिंह ने अतिशीघ्र टूटे तटबंध का मरम्मत कराकर एक आदमी को यहां नियुक्त किए जाने की मांग की। इस संबंध में अहरौरा जलाशय पर तैनात अवर अभियंता नरसिंह मौर्य ने बताया कि विभाग की ओर से जून माह में रेगुलेटर की देखभाल किया गया था। अचानक पानी का दबाव बढ़ने के चलते तटबंध टूट गया है। जिसे अगले 24 घंटे में बांध दिया जाएगा।