ध्वस्त सड़कें, जगह-जगह गंदगी, जाम नाली औद्योगिक आस्थान की पहचान बन चुकी है। इससे फैक्टरी संचालकों और कामगारों को परेशानी होती है। नगर पालिका के कर्मचारी सिर्फ मुख्य गेट से उपायुक्त कार्यालय तक ही सफाई करते हैं।
औद्योगिक आस्थान परिसर में प्रवेश करते ही दुर्व्यवस्थाएं नजर आने लगती हैं। औद्योगिक आस्थान मुख्य गेट के बाहर नाले और परिसर की दीवारें घास से ढक गई हैं। मुख्य गेट से लेकर उपायुक्त उद्योग कार्यालय तक सड़क के दोनों पटरियों पर कभी कभी सफाई हो जाती है। उद्योग कार्यालय के पीछे कूड़े के ढेर हैं। उद्यमी श्रीवल्स सिंह का कहना है कि परिसर में नालियां वर्षों से जाम हैं। शिकायत पर भी नगर पालिका प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। कल्याण अग्रहरि का कहना है कि शिकायत के बावजूद सफाईकर्मी न आते हैं। नरोत्तमदास खट्टर, राकेश बरनवाल, संतोष अग्रवाल व मनोज खंडेलवाल कहना है कि उद्योग बंधु की बैठक में भी शिकायत की गई थी। इसके बाद नपा के सफाईकर्मी आते हैं लेकिन वे मुख्य गेट से उद्योग कार्यालय सीमा तक ही सफाई कर चले जाते हैं। इस संबंध में उपायुक्त उद्योग संदीप कुमार ने कहा नालियां काफी पुरानी हैं। इनकी मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर निदेशालय को भेजा गया है।