मिर्जापुर। जिले में कुत्ताें और बंदरों के हमले की घटनाएं बढ़ने से लोग परेशान हैं। पिछले 10 दिन में कुत्तों ने 392 तो बंदरों ने 53 लोग पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। यही नहीं, 10 लोग बिल्ली के काटने से भी घायल हुए हैं। सभी पीड़ितों ने मंडलीय अस्पताल में एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाया।
नगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने के कारण में रात में सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। रात में राहगीरों को कुत्ते दौड़ा लेते हैं। मौका मिलते ही हमला भी कर देते हैं। नगर के सिविल लाइन तिराहे, महुवरिया, पक्के पोखरा मार्ग आदि इलाकों में देर रात आना-जाना मुश्किल हो गया है। वहीं, मोर्चाघर, घोड़े शहीद, घुरहूपट्टी माग्र, वासलीगंज, बाजीराव कटरा आदि मोहल्ले में बंदरों के हमले में लोग दहशत में हैं। यही वजह है कि मंडलीय अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या बढ़ी है। 10 से 20 मार्च तक बंदर काटने के 53 मामले आए हैं। इस अवधि में कुत्ता काटने से 392 लोग घायल होकर इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। बिल्ली के काटने के 10 मामले आए हैं। अस्पताल में सोमवार को दो सौ से तीन सौ लोग एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने आते हैं। एआरवी कक्ष पर पीड़िताें की लंबी कतार लगती है।
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वर्जन
इस समय सड़कों पर आवारा कुत्तों की संख्या बहुत बढ़ गई है। उनको रहने और खाने की समस्या है। रात में और सुबह भीड़ कम रहती है, तो खाली पेट कुत्ते आक्रामक होकर हमला कर देते हैं। इन दिनों एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने वाले ज्यादा आ रहे हैं। - डाॅ. अमित यादव, सहायक आचार्य (सर्जन)