वाराणसी और मिर्जापुर को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग भटौली पीपा पुल शुक्रवार की रात गंगा में डूब गया। इससे 30 मार्च तक लोक निर्माण विभाग द्वारा आवागमन बाधित कर दिया गया है।
विभाग की मानें तो पानी घटने के बाद ही परिचालन शुरू होगा।
गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से भटौली पीपा पुल पर आवागमन पुन: बाधित हो गया।
कुछ दिन पूर्व भी गंगा का जलस्तर बढ़ने पर पानी पीपा पुल के ऊपर से बहने के कारण आवागमन बाधित हो गया था। जिसके बाद बालू की बोरियां रख कर पीपा पुल को एक फुट ऊंचा किया गया था।
तब कुछ हद तक पानी रुका तो आवागमन शुरू हो पाया। शुक्रवार की रात गंगा के जलस्तर में एक बार फिर वृद्धि हो गई और पुल दोबारा गंगा में डूब गया। इससे आवागमन बंद कर दिया गया।
आवागमन बंद होने से कछवां कस्बे से कामकाज के लिए आने वाले रोजमर्रा के यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बहुत से लोग तो जान जोखिम में डाल कर अब भी पीपा पुल को किसी तरह पार कर रहे हैं।
रास्ता अवरुद्ध होने के बावजूद जान जोखिम में डाल कर पुल पार कर रहे लोगाें को देख कर इलाके में ठेकेदार तथा विभागीय अधिकारियाें के प्रति आक्रोश है।
लोगाें का कहना है कि जान जोखिम में डाल कर पीपा पुल को पार कर रहे लोगाें को रोकने के लिए कोई कर्मचारी उपस्थित नहीं है।
एक भी व्यक्ति नहीं है जो बता सके कि इस समय पुल से आवागमन करना खतरनाक है।
जानकारी के अनुसार पीपा पुल की देखरेख के लिए कई लोगों की ड्यूटी है लेकिन जिनकी ड्यूटी वहां लगाई गई वह हमेशा गायब रहते हैं।
वहीं लोक निर्माण विभाग ने पुल पर अभी 30 मार्च तक आवागमन बाधित किया है।