मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र के चूना दरी जलप्रपात में हुए हादसे के बाद राजस्थान से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे ऑटो चलाने वाले गरीब पिता की आंखें पुत्र के शव को देखते ही नम हो गईं। बिलखते हुए बद्री प्रसाद भट्टी ने कहा कि पुत्र को पढ़ा लिखा कर बड़ा आदमी बनाना चाहते थे, परंतु शायद ईश्वर को यही मंजूर था।
बीएचयू में आईआईटी द्वितीय वर्ष के छात्र रहे साहिल भट्टी की चूना दरी जलप्रपात में डूबने से मौत होने की सूचना मिलने पर उसके पिता बद्री प्रसाद भट्टी बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। जवान इकलौते पुत्र का शव देखकर आंखें नम हो गईं। रुंधे गले से पिता ने कहा कि वे अपने बेटे को पढ़ा लिखा कर बड़ा आदमी बनाना चाहते थे, परंतु तकदीर ने उसके घर का चिराग ही छीन लिया।
उन्होंने बताया कि ऑटो चलाकर अपनी दो संतानों को पढ़ा लिखा कर योग्य इंसान बनाना चाहते थे। ताकि वे अपने अपने पैरों पर खड़ा हो सकें, परंतु विपत्ति ने घर का इकलौता चिराग ही बुझा दिया। अब बेटी ही उनका सहारा है।