मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में डाक्टर को दिखाने के लिए आप सुबह अस्पताल पहुंच कर पर्ची कराने के लिए पहुंच रहे है, पर आपके पास मोबाइल नहीं है तो ओपीडी पर्ची नहीं कट सकेगी। बिना ओपीडी पर्ची के इलाज भी होना संभव नहीं है। आए दिन पर्चा काउंटर पर बिना मोबाइल के पर्चा काटने को लेकर विवाद होता है। इस कारण मरीज को जल्द इलाज की समस्या होती है।
मंडलीय अस्पताल में एक रुपये के पर्च पर इलाज की सुविधा है। सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक चलने वाली ओपीडी के लिए सुबह साढ़े सात बजे से डेढ़ बजे तक पर्चा काउंटर पर ओपीडी पर्ची कटती है। प्रतिदिन एक हजार से 1200 लोगों की ओपीडी पर्ची कटती है। ओपीडी पर्चा के लिए छह काउंटर बने है। इसमें एक पुरुष जनरल, एक महिला जनरल, एक महिला आभा काउंटर और दो पुुरुष आभा काउंटर, एक काउंटर दिव्यांग और वृद्ध के लिए है। नियम था कि कोई भी अपने मोबाइल पर आभा एप के जरिये पूरा डाटा घर बैठे भरकर उस पर मिलने वाले टोकन नंबर से आभा काउंटर पर अपना पर्चा ले सकता है। उसे लाइन में नहीं लगना होगा। ये सुविधा उनके लिए है जो मोबाइल का उपयोग करते है। बाकी लोग लाइन में लगकर अपना पर्चा कटवा सकते हैं। अब पर्चा काउंटर पर नियम में फेरबदल कर दिया गया, जिसमें सुबह 10 बजे तक जो भी ओपीडी का पर्चा कटवाने आता है, उसे आभा एप के जरिये पर्चा कटवाने के लिए कहा जाता है। ऐसे में जिसके पास मोबाइल नहीं रहता है। उसका पर्चा नहीं कट पाता है। मोबाइल होने के बाद नेटवर्क की भी समस्या रहती है। 10 बजे के बाद बिना आभा एप के जनरल काउंटर पर पर्ची कटती है।
सुबह पर्चा कटवाने आए लाइन में नहीं लगने दिया गया। बोला गया कि मोबाइल है। मोबाइल देने के बाद उसे स्कैन कर एप के माध्यम से पर्चा कटवाना पड़ा। नेटवर्क काम न करने से समस्या हो रही थी। - नीलम देवी, संगमोहाल
अस्पताल में लोग इलाज कराने आते हैं। ऐसे में मोबाइल के जरिये पर्चा कटवाना जरूरी करना सही नहीं है। बहुत लोगों के पास एंड्राएड मोबाइल नहीं होता। एप का प्रयोग अनिवार्य न किया जाए। - मूरत शर्मा, नकहरा रोड
वर्जन
आभा एप को सुविधा के लिए दिया गया है। इसमें समय की बचत होगी। अस्पताल आ रहेे सभी मरीजों के लिए ऐसा नहीं किया गया है। पर्चा कटवाने के लिए मोबाइल की अनिवार्यता सही नहीं है। ऐसा हो रहा है तो इसे बंद कराया जाएगा।
डाॅ. एसके श्रीवास्तव, सीएमएस, मंडलीय अस्पताल
काउंटर पर आई, ईएनटी के मरीज होते हैं परेशान
मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में ईएनटी, आई, मानसिक और चर्म रोग विभाग सिविल लाइन में बने भैरा प्रसाद चिकित्सालय में चला गया है। वहां पर पर्चा काटने से लेकर दवा आदि सब सुविधा है, र प्रचार के अभाव में अभी भी मरीज मंडलीय अस्पताल आकर ही पर्चा कटवा रहे है। पर्चा काटने के बाद स्टाफ को भी अस्पताल का पता बताना पड़ रहा है। मंडलीय अस्पताल के पर्चा काउंटर पर अगर इन चार विभाग के बारे में बोर्ड लगे तो लोगाें को जानकारी हो सके।