इधर, दिव्या मित्तल का मिर्जापुर से ट्रांसफर होने के बाद सोशल मीडिया पर विरोध हो रहा है। कई यूजर्स ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ट्रांसफर वापस लेने की अपील की है। सितंबर 2022 में मिर्जापुर डीएम के रूप में पदभार ग्रहण किया था। इस दौरान उनकी कार्यप्रणाली के कायल तमाम लोग हो गए। वो आम लोगों के साथ खड़ी दिखती थीं। विंध्य धाम के निर्माण को लेकर काफी एक्टिव थीं। किसानों का पानी दूसरे जिलों में छोड़े जाने को लेकर उन्होंने बैठक में अधिकारियों की क्लास लगा दी थी। चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद उनकी खुशी मनाने के अंदाज का वीडियो वायरल हुआ था। उनके ट्रांसफर की सूचना से जिले के लोग मायूस हैं।
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जिलाधिकारी दिव्या मित्तल
- फोटो : अमर उजाला
2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल अपने कार्यों को लेकर खासी चर्चित रही हैं। कड़क अंदाज के साथ बच्चों के प्रति बेहद मासूम व्यवहार रखने वाली दिव्या मिर्जापुर से पहले संत कबीर नगर जिले की डीएम थीं। मिर्जापुर के सुदूर पहाड़ी गांव में पानी पहुंचा कर चर्चा में आईं दिव्या मित्तल ने जिले में अपने काम के बल पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहीं।
आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल
- फोटो : अमर उजाला
आईएएस अधिकारी बनने के लिए यूपीएससी परीक्षा पास करने का फैसला करने से पहले दिव्या मित्तल लंदन में काफी अच्छी खासी सैलरी पर नौकरी करती थीं। लेकिन उन्होंने लंदन में अपनी नौकरी छोड़कर आईएएस अधिकारी बनने का फैसला किया। मसूरी में प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें अशोक बंबावाले पुरस्कार मिला था। आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और फिर उन्होंने आईआईएम बैंगलोर से एमबीए भी किया है।
दिव्या मित्तल के पति गगनदीप सिंह भी एक आईएएस अधिकारी हैं। वहीं दिव्या एक आईएएस अधिकारी होने के साथ-साथ छात्रों को यूपीएससी परीक्षा पास करने के लिए प्रेरित भी करती रहती हैं और उन्हें एग्जाम में पास होने के लिए टिप्स भी देती रहती हैं।