जिलाधिकारी ने शीत कालीन भ्रमण के दौरान शनिवार दोपहर पड़री थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने समस्त राइफल, रिवाल्वर, कारतूसाें समेत रखे गए अन्य शस्त्राें को रजिस्टर से मिलान कराया।
साथ ही अन्य अभिलेख भी चेक करते हुए थाने में खड़े पुराने वाहनाें को नीलाम करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने थानाध्यक्ष को निर्देशित किया कि हिस्ट्रीशीटराें की गतिविधियाें की जानकारी लेते हुए उसकी एक सूची बनाए। जिसमें सुधरने वाले की सूची अलग तथा क्राइम करने वाले की सूची अलग बनाई जाए।
इसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
डीएम राजेश सिंह शनिवार दोपहर करीब एक बजे पड़री थाने पहुंचे। असलहाें को देखते हुए थानाध्यक्ष से थाना क्षेत्र में आने वाले गांवाें की संख्या पूछी।
इस पर थानाध्यक्ष तारकेश्वर राय ने बताया कि इस थाना क्षेत्र में कुल 101 गांव आते हैं। जिसके सापेक्ष कुल 30 आरक्षी तैनात हैं।
इस दौरान उन्होंने रजिस्टर नंबर आठ ग्राम अपराध रजिस्टर, अनसूचित जाति रजिस्टर, रजिस्टर नंबर चार में दर्ज हिस्ट्रीशीटराें की संख्या के बारे में पूछताछ की।
निरीक्षण के दौरान पाया कि थाने में आरटीओ द्वारा बंद किए गए 10 वाहन विगत कई वर्षो से खड़े हैं जिनको कोई छुड़ाने नहीं आया है।
सबसे पुराने वाहन में जीप तथा एक आटो रिक्शा वर्ष 2000 से बंद है। जिलाधिकारी ने प्रत्येक थाने में खड़े पुराने वाहनाें की नीलामी के लिए एक एक मजिस्ट्रेट तैनात कर नियमानुसार वाहनाें की नीलामी कराने का निर्देश दिया।
प्रत्येक गांव के चौकीदार को बुलाकर बैठक करते हुए उन्हें सक्रियता के बारे में बताने को कहा। चौकीदारों को सप्ताह में एक बार थाने आकर संपर्क करने का निर्देश दिया जाए। थाने में रखे शस्त्र रजिस्टर की संख्या कलेक्ट्रेट में रखे रजिस्टर से मिलान कराने को कहा।
इस दौरान कर्मियाें ने बताया पूरा थाना चार बीघा नौ बिस्वा एक धुर में है। जिसमें आवासीय भवन बनाने की कार्रवाई प्रगति पर है।