मिर्जापुर। राजीव गांधी दक्षिणी परिसर के नवीन व्याख्यान संकुल के सेमिनार हॉल में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। ‘जेडंर इक्वलिटी टुडे फॅार ए सस्टेनेबल टुमारो’ इसका थीम रहा। कार्यक्रम की शुरुआत महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण व कुलगीत गाकर किया गया।
मुख्य अतिथि बीएचयू चिकित्सा विज्ञान संस्थान एनाटामी विभाग से प्रो. रोयना सिंह ने आज के संदर्भ में नारीशक्ति की पहचान देश-दुनिया में बढ़ाने एवं महिलाओं को भेदभाव से बाहर निकलने का रास्ता सुझाया। विशिष्ट अतिथि बाटनी विभाग से डॉ. शशि पांडेय राय ने महिलाओं के संघर्ष को बताते हुए महिलाओं को अपनी उपस्थिति प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया। उपलब्धियों, जज्बों व जीवन संघर्षों को याद करते हुए महिलाओं के विकास व उत्थान पर अपना दायित्व निभाने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. शशि प्रभा, लखनऊ विश्वविद्यालय ने महिला सशक्तीकरण पर प्रकाश डालते हुए सभागार में उपस्थित समस्त महिलाओं को प्रोत्साहित किया। अध्यक्षता करते हुए अचार्य प्रभारी प्रो. विनोद कुमार मिश्र ने दक्षिणी परिसर में कार्यरत समस्त महिलाओं को बधाई देते हुए उनके कार्यों की प्रशंसा की। समाज में महिलाओं के खिलाफ भेदभाव को खत्म कर प्रगति पथ पर अग्रसर होने के लिए सबको प्रेरित किया। उन्होंने मजबूत भारत के लिए मजबूत लैंगिक समानता के ऊपर प्रकाश डालते हुए कार्यक्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने व शिक्षा के माध्यम से लोगों तक पहुंचने का रास्ता बनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर दक्षिणी परिसर के महिला शिक्षकों में डॉ. प्रज्ञा मिश्रा, डॉ. आद्रिथ शंकर, डॉ. रजनी श्रीवास्तव, डॉ. कंचन पडवल, डॉ. विनीता सिंह, डॉ. प्रिया सिंह को विशेष शोध शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया। छात्र-सलाहकार डॉ. आशीष लटारे ने कार्यक्रम का संयोजन किया। संचालन छात्रा पूजा कुमारी व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कंचन ने किया। इस अवसर पर प्रो. आषीष सिंह, डॉ. महिपाल चौबे, डॉ. अनुराधा कुमारी, किरन दामले, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. पल्लवी, जिया, डॉ. कौस्तुभ चटर्जी, डॉ. राघवेन्द्र रमन मिश्रा आदि रहे।